संजीवनी टुडे

कलेक्टर का नवाचार, दायित्व से होगी स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी

संजीवनी टुडे 08-03-2019 19:24:16


इंदौर। कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने दायित्व एप के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी का नवाचार किया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुक्रवार को लाँच किये गये इस एप से महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का मिलना सुनिश्चित होगा। जिसके अंतर्गत डॉक्टर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में जाएगी तो उस एप में देखने से लोकेशन सहित अन्य जानकारियां मिल जायेगी। इस एप के माध्यम से कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव की नजर स्वास्थ्य सेवाओं पर रहेगी। अगर कोई डॉक्टर या स्वास्थ्य विभाग का अन्य कर्मचारी को गुमराह करने की कोशिश करेगा तो तुरंत जानकारी मिल जाएगी। एप में देखते ही पता चल जाएगा कि उसकी लोकेशन कहां है और जो जानकारी दे रहा है वह सही है या नहीं।

कलेक्टर जाटव ने बताया कि नये एप के जरिए ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान देकर इनका उपचार कराया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के टीकाकरण सहित अन्य स्वास्थ्य उपचार भी कराए जायेगें। सीएचएमओ सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गये है कि वे गांवों में जाकर लोगों का सही ढंग से उपचार करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य आधार को सुदृढ़ करने एवं स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार हेतु नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता पूर्ण सर्पोटिव सुपरविजन की आवश्यकता है। विभाग द्वारा दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं में संस्थाओं का मानकों अनुरूप रखरखाव, उपलब्ध मानव संशाधन द्वारा नियत समय पर उनके द्वारा दी जाने वचाली मानक अनुरूप सेवाएं, दी जा रही सेवाओं हेतु आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, निर्धारित संख्या में दवाइयों का उपलब्ध स्टॉफ आदि का पर्यवेक्षण निर्धारित नियमित अंतराल में सक्षम प्राधिकृत अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा अति आवश्यक है। इससे सेवा की गुणवत्ता एवं निर्धारित अंतराल में आवश्यक रूप से सभी स्तरों पर अत्यधिक सुधार होता है।

कलेक्टर जाटव ने बताया कि इंदौर में स्वास्थ्य सेवाओं के सुपरविजन के दौरान यह पाया गया कि विभागीय स्तर से निरीक्षण तो होते है, लेकिन यह निरीक्षण सर्पोटिव न होकर सामान्य निरीक्षण बन कर रह जाते है, साथ ही साथ डाटा जिला स्तर पर संपूर्ण रूप से नहीं पहुंच पाता है। स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार करने ग्राम आरोग्य केन्द्र से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तक स्वास्थ्य आधार संरचना एवं प्रदाय की गई सेवाओं की सूक्ष्म मॉनिटरिंग एवं स्वास्थ्य सेवकों को सपोटिव सुपरविजन सर्पोट प्रदाय करने के लिए नियमित स्वास्थ्य सेवकों के कार्यकर्ताओं का भगमण प्लान दायित्व के माध्यम से किया गया है।

उल्लेखनीय है कि जिले के 616 ग्रामों में से ग्राम आरोग्य केन्द्र संचालिक किये जा रहें है। ग्राम प्रहरी दलों का गठन किया गया हैं। ग्राम स्वास्थ्य प्रहरी दल के सेक्टर अधिकारी मेडिकल ऑफीसर को जोनल प्रभारी एवं उसके अंतर्गत 10-12 ग्रामों में एक सेक्टर सुपरवाइजर कार्य करेंगे। एक जोनल प्रभारी को मानव संसाधन की उपलब्धता के आधार पर ग्राम आरोग्य केन्द्र आवंटित किये गये हैं, मेडिकल ऑफीसर के सुपरवाइजर सप्ताह में दो दिन ग्राम आरोग्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्र का समन्वित भ्रमण ई सर्पोटिव सुपरविजन तालमेल द्वारा कर रहे है। इस हेतु समस्त जोनल प्रभारी को टेबलेट एवं टूलकिट एनड्रॉयड एप्लीकेशन के साथ उपलब्ध करवाया गया है, जिससे संबंधित ग्राम आरोग्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्र की जानकारी उपलब्ध है।

जोनल अधिकारी को विगत माह के भ्रमण कार्यक्रम एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से पूर्व से ही निर्धारित कर दी जाती है। इसके लिए 616 ग्राम आरोग्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का जीयो मैपिंग किया गया है। इसमें जोन आधार पर ग्राम को जोनल अधिकारी को वितरित किया गया है। इससे टेबलेट में लगे जीपीएस के द्वारा यह भी ट्रेकिंग किया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी उस ग्राम में गये है अथवा नहीं।

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सीएचएमओं डॉ. प्रवीण जडिय़ा ने बताया है कि विकासखण्ड स्तर पर खण्ड चिकित्सा अधिकारी अपने जोन के साथ-साथ भ्रमण निर्धारित संस्था स्तर पर माह में दो बार निर्धारित कार्यक्रम अनुसार करेंगे। इसी प्रकार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला स्तर पर प्रोग्राम ऑफीसर, अन्य डेवलेपमेंट पार्टनर्स के साथ माह में दो बार स्वास्थ्य संस्थाओं की अनिवार्यत: मानिटरिंग करेंगे। इसमें सर्वर के द्वारा रिपोर्ट कम्पाइल होने के उपरांत फीडबैक के लिए संबंधित को आदो एलर्ट निश्चित समय सीमा में स्वत: प्रेषित हो जाता है एवं की गई आवश्यक सुधार उपरांत ओके रिपोर्ट भी जनरेट हो जाता हैं, निश्चित समय सीमा में फीडबैक आधार पर आवश्यक सुधार कर कम्पाइलेशन न होने पर उच्च अधिकारियों को भी स्वत: एलर्ट जारी हो जाता है।

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इसमें सर्वर द्वारा जिला स्तर पर इसकी रिपोर्ट वेबसाइट पर देखी जाकर उसके आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही निर्धारित समय में की जा सकती है। इस तरह से यह वेब पोर्टल/ एप्लीकेशन विभाग की सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए एक नई दिशा प्रदन करेगा।
 

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