संजीवनी टुडे

कोयला कंपनी द्वारा मांग अनुसार नहीं दिया जाता कोयला: प्रियव्रत

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 15-12-2019 19:48:34

मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा है कि विभिन्न ताप गृहों को उनकी जरूरत और मांग के अनुरूप कोल कंपनी द्वारा कोयला नहीं दिया जाता है।


भोपाल। मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा है कि विभिन्न ताप गृहों को उनकी जरूरत और मांग के अनुरूप कोल कंपनी द्वारा कोयला नहीं दिया जाता है। सिंह ने बताया कि विद्युत गृहों में कोयला प्रदाय करने की जिम्मेदारी रेल परिवहन और कोयला कंपनी की होती है। प्रत्येक विद्युत गृह के लिये कोयला अनुबंध के तहत मासिक पात्रतानुसार मध्यप्रदेश पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड द्वारा रेल प्रोग्राम संबंधित कोल कम्पनियों को भेजा जाता है। इन्हीं के आधार पर मासिक रेल प्रोग्राम स्वीकृत होता है।

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सिंह ने कहा है कि केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा नियोजित खदान छोर से दूरस्थ विद्युत गृह में कम से कम 20 दिन का कोयला स्टाक होना जरूरी है, इसके बावजूद भी कोल कम्पनियों ने कोयला नहीं उपलब्ध करवाया है, जिसके लिये पूरी तरह कोल कंपनियां जिम्मेदार हैं।

उन्होंने बताया कि अक्टूबर में संजय गांधी ताप विद्युत गृह के कोयले की जरूरत के अनुसार कोरिया-रीवा क्षेत्र से 110 रेक और कोरबा क्षेत्र सें 40 रेक कोयले की मांग कोयला कंपनी से की गई थी। इसके विरूद्ध कोयला कंपनी द्वारा कोरिया-रीवा से 90 और कोरबा क्षेत्र से मात्र 34 रेक ही आवंटित किये गए, जबकि कोयला कमंपनी ने कोरिया-रीवा क्षेत्र से 47 रेक और कोरबा क्षेत्र से 16 रेक दिये गये। उन्होंने कहा कि रेल प्रोग्राम 150 रेक का भेजा गया। आवंटन 124 रेक का हुआ और दिये गये 63 रेक। इस तरह माँग से आधे से भी कम रेक प्राप्त हुए हैं।

सिंह ने बताया कि इसी प्रकार अन्य ताप विद्युत गृहों में भी आवश्यकतानुसार कोल प्रदाय नहीं किया जाता है। एक बार आवंटन होने के बाद उसके अनुसार कोयला भेजने की जिम्मेदारी कोल कंपनी की होती है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड का हमेशा यह प्रयास होता है कि सभी ताप विद्युत गृहों को समय पर आवश्यकतानुसार कोयला उपलब्ध हो, जिससे सभी इकाइयों का सुचारू संचालन हो सके।

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