संजीवनी टुडे

संजीवनी जैसी स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 24-01-2020 17:25:52

मध्यप्रदेश की शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना को संजीवनी के समान बताते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया है।


भोपाल। मध्यप्रदेश की शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना को संजीवनी के समान बताते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सेवानिवृत्त हुए शासकीय सेवकों की पेंशन का ज्यादातर पैसा स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च होता है। इस योजना से पेंशनधारी बड़े वर्ग को राहत मिलेगी।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार गणेश दत्त जोशी सेवानिवृत्त सहायक सांख्यिकीय अधिकारी है। वे 2007 में सेवानिवृत्त हुए और पेंशनर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश में वरिष्ठ प्रांन्तीय उपाध्यक्ष के रूप में काम कर कर रहे हैं। साथ ही वे मध्यप्रदेश शासन के पेंशनर्स कल्याण मंडल के सदस्य की भूमिका भी निभा रहे हैं। जोशी कहते है, शासकीय सेवा का विराम हो सकता है लेकिन काम तो लगातार चलता रहता है। अच्छे कामों की श्रृंखला चलते रहना चाहिए। इसलिए वर्तमान में पेंशनर्स की समस्याओं का समाधान करने में अपना सहयोग देता हूँ ।

यह खबर भी पढ़ें:​ अभिषेक ने शुरू की 'बॉब बिस्वास' की शूटिंग, तस्वीर शेयर कर बोलें- तैयारियों का समय...

वे कहते हैं कि ''कमलनाथ पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रदेश के सेवानिवृत्त सेवकों के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा पर सम्पूर्णता में विचार कर मुख्यमंत्री कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना को ठोस रूप दिया। वृद्धावस्था में इलाज की सबसे ज्यादा जरुरत होती है। पहली नज़र में यह योजना सरल और आसानी से लागू होने योग्य दिखती है। इसका हर बिन्दु प्रभावित करता है।”

जोशी का कहना है कि ''पता चला है कि मुख्यमंत्री कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना एक अप्रैल 2020 से शुरू होना है इसलिये सभी सेवारत एवं सेवानिवृत सेवकों से 25 मार्च 2020 तक योजना में शामिल होने का विकल्प भरवाया जाना चाहिए। इससे समय पर उनके अंशदान की राशि काटी जा सके।'' उनका यह भी मानना है कि मध्यप्रदेश के बाहर जैसे तमिलनाडु, उत्तराखंड, झारखंड, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि में बस गए सेवानिवृत सेवकों को भी इस योजना में शामिल किया जाना चाहिए।

शंकरलाल सोनी नगर पालिका परिषद् से वर्ष 2015 रिटायर हुए। वे संडे की पाठशाला चलाते हैं और गरीब बच्चों को पढ़ाते है। वे पर्यावरण के प्रति बेहद संवेदनशील हैं और इच्छुक लोगों को पर्यावरण शिक्षा देते हुए पौधा गमला निःशुल्क बांटते है। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए सोनी कहते है कि ''ऐसी ठोस योजना से हम जैसे हजारों परिवारों को लाभ होगा।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग छतरपुर में सिविल इंजीनियर पद से 2010 में सेवानिवृत्त हुए जी. एस. खरे पेंशनर एशोसियेशन छतरपुर के उपाध्यक्ष हैं और समाज सेवा के कई कार्यों से जुड़े हैं। वे कहते है कि ''बीमा योजना पेंशनर के लिए एक बेहतर योजना है। सरकार का स्वागत योग्य कदम है।

वर्ष 2018 में आर. आई. (राजस्व ) के पद से रिटायर हुए शंकर शरण खरे कहते हैं कि ''बहुत दिनों बाद स्वास्थ्य की दृष्टि से बुढ़ापे की खबर सरकार ने ली है। इसके लिए मुख्यमंत्री की सोच की जितनी तारीफ़ करें कम है।''

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से 2015 में एस. डी. ओ. रिटायर हुए लखन सिंह पेशन संघ के कोषाध्यक्ष है। वे इस योजना से बेहद उत्साहित हैं और कहते है कि यह हमारे पेंशनधारी समाज के लिए संजीवनी का काम करेगी।

वन विभाग छिन्दवाड़ से असिस्टेंट ग्रेड 2 के पद से 2017 में सेवानिवृत्त हुए मजीद मोहम्मद का कहना है कि यह योजना आसानी से अमल में आने वाली है। इससे कई परिवारों को लाभ मिलेगा। सबसे अच्छी बात यह है कि छोटे पद से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिये बहुत लाभदायी होगी।

लोक निर्माण विभाग से सेवा निवृत्त हुए जी.वी. नवघरे पेंशनर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश भोपाल की छिन्दवाड़ा शाखा के अध्यक्ष हैं। वे कहते हैं कि कमलनाथ सबको साथ लेकर चलने वाले मुख्यमंत्री हैं। वे सिर्फ काम पसंद करते हैं और काम करने वालों को प्रोत्साहित करते हैं। यह योजना उनकी समावेशी सोच को दर्शाती है। इससे सेवानिवृत्त हुए एक बड़े वर्ग को लाभ मिलेगा। इस योजना को वे अत्यंत व्यावहारिक योजना बताते हैं।

यह खबर भी पढ़ें:​ अनुष्का ने स्ट्रीट डांसर 3डी के लिये वरुण को दी शुभकामनाएं, धवन बोलें- मेरी सबसे पसंदीदा ह्यूमन...

मुख्यमंत्री कमलनाथ की पहल पर मुख्यमंत्री कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने का निर्णय लिया है। इससे लगभग 12 लाख 55 हजार अधिकारियों, कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इसमें सभी नियमित शासकीय कर्मचारी, सभी संविदा कर्मचारी, शिक्षक संवर्ग, सेवानिवृत्त कर्मचारी, नगर सैनिक, आकस्मिक निधि से वेतन पाने वाले पूर्ण कालिक कर्मचारियों और राज्य की स्वशासी संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना में बाहय रोगी ओपीडी के रूप में प्रतिवर्ष 10 हजार रूपये तक का नि:शुल्क उपचार मिलेगा या नि:शुल्क दवाएं मिलेंगी।

सामान्य उपचारों के लिए प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये और गंभीर उपचारों के लिए 10 लाख रूपये तक की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

जयपुर में प्लॉट मात्र 289/- प्रति sq. Feet में  बुक करें 9314166166

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

More From state

Trending Now
Recommended