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संस्कार व मनुष्य निर्माण कला में कौशल थे गुरु दक्ष : मनोहर लाल

संजीवनी टुडे 16-07-2019 18:13:27

संस्कार व मनुष्य निर्माण कला में कौशल थे गुरु दक्ष


कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि ब्रह्मा जी ने मनुष्य निर्माण किया था, लेकिन गुरु दक्ष प्रजापति ने उन्हीं पंच तत्वों से मनुष्य के जीवन को उपयोगी बनाया। गुरु दक्ष प्रजापति संस्कार व मनुष्य निर्माण कला में कौशल थे। यदि किसी को अनुशासन एवं निर्माण की कला सीखनी है तो वे कुंभकार से कौशल प्राप्त कर सकते हैं। जिस तरह एक कुंभकार घड़े को सुंदर एवं सुडौल बनाने के लिए मेहनत करता है, उसी तरह समाज निर्माण की सीख लेनी चाहिए। 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल मंगलवार को प्रजापति धर्मशाला में गुरु दक्ष प्रजापति राष्ट्रीय जयंती समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इस जयंती समारोह में धर्मशाला की कार्यकारिणी की ओर से मुख्यमंत्री का बड़ी माला पहनाकर एवं पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षा, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में सराहनीय प्रदर्शन करने वाले लोगों को स्मृति चिन्ह व प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को नई पहचान मिली है, उसी तरह विश्व युवा कौशल दिवस 15 जुलाई को मनाया गया है। सही मायने में गुरु दक्ष प्रजापति सबसे पहले कौशल कारीगर थे। उन्होंने मनुष्य के जीवन को सरल बनाने के लिए घड़े का निर्माण किया। यही नहीं विज्ञान का अविष्कार भी कुंभकार समाज ने किया। चाक को इजाद करके अभिकेंद्रीत बल को नए अविष्कार के रूप में प्रयोग किया गया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह कुंभकार घड़े निर्माण में अनुशासन एवं सयंम बरता है, वह समाज के लिए प्रेरणा है। समाज निर्माण के लिए अनुशासन की कला कुंभकार से सीखनी चाहिए। शिक्षण संस्थानों से लेकर शिक्षकों को भी अनुशासन एवं संस्कारों की कला सीखनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि कुंभकार की कम होती प्रतिभा को फिर से दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और दक्ष प्रजापति महाराज द्वारा मिट्टी के बर्तन बनाने की कला को आगे बढ़ाने के लिए पलवल में स्थापित कौशल विकास विश्वविद्यालय से मिट्टी के बर्तन बनाने, खिलौने, सजावटी समान इत्यादि के कोर्स शामिल किए गए है। 

उन्होंने कहा कि सरकार ने सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए अंत्योदय एवं सरल केंद्रों की शुरूआत की है, अब तक एक करोड़ आवेदन इन केंद्रों के माध्यम से आ चुके हैं। अंत्योदय केंद्रों का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। 

हालांकि मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग अभी भी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं, इसके लिए सभी सरकार प्रयासरत है। इस मौके पर धर्मशाला सभा प्रधान भवानी दास, कोषाध्यक्ष ऋषिपाल अमीन, रामकुमार रंबा, महासचिव नकुल, चेयरमैन बलबीर सिंह, दर्शन लाडवा सहित बड़ी संख्या में प्रजापति समुदाय के लोग मौजूद रहे।

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