संजीवनी टुडे

छत्तीसगढ़ के नाराज 20 हजार कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास का करेंगे घेराव

संजीवनी टुडे 17-02-2019 22:37:17


रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार आने के बाद राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों, पंचायतों में कार्य कर रहे 20 हजार से अधिक संविदा कर्मचारियों ने नियमितिकरण की मांग को पूरा नहीं किए जाने के विरोध में सड़कों पर आंदोलन करने जा रही है। कर्मचारी महासंघ 24 फरवरी को राजधानी की सड़कों पर उतरते हुए मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी।

छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष गोपाल दास साहू ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया, "राज्य के संविदा कर्मचारियों को यह विश्वास था कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हमारी मांगें पूरी करेंगे। लेकिन हमें धोखा मिला है।" उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में 54 सरकारी विभागों और निगमों में ही 2 लाख से अधिक दैनिक वेतन पाने वाले कर्मचारी हैं। राज्य के स्कूल, बैंकों में भी ऐसे कई लाख कर्मचारी हैं, जो अपनी नौकरी की नियमितिकरण की मांग कर रहे हैं।

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अपनी मांगों के समर्थन में गोपाल दास ने कहा कि महासंघ ने फैसला किया है कि 24 फरवरी को मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश भर से लगभग 20 हजार से अधिक अनियमित कर्मचारियों के शामिल होने की संभावना है।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही अपने किए चुनावी घोषणा पर त्वरित कार्रवाई न कर कर्मचारियों को गुमराह कर रही है। गोपाल दास ने कहा कि सभी कर्मचारियों और उनके घरों में परिवार के अन्य वोटर सदस्यों को जोड़ दिया जाय तो राज्य में 8 से 9 लाख संविदा कर्मचारी परिवार की संख्या है। इतनी बड़ी संख्या किसी भी सरकार के लिए एक बड़ा वोट बैंक है। 

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उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव जब सरकार में नहीं थे तब उन्होंने कई बार हमारे कार्यक्रमों में आकर कहा था कि यदि कांग्रेस की सरकार बनती है तो त्वरित कार्रवाई करते हुए नियमितीकरण की जाएगी। लेकिन सत्ता मिल जाने के बाद कांग्रेस सरकार अपने किए वादे पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार ने अभी तक 5000 से अधिक कर्मचारियों को बाहर निकाल भी चुकी है। ऐसे में सड़कों पर उतरे बिना हमारी मांगें पूरी नहीं होगी। महासंघ की मांग है कि राज्य के सभी दैनिक कर्मचारियों को नियमित किया जाए और विभागों में वर्तमान में की जा रही सीधी भर्ती पर तत्काल रोक लगाई जाए।

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