संजीवनी टुडे

अनधिकृत कालोनियों के बारे जारी अधिसूचना धोखा: कांग्रेस

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 21-12-2019 19:39:21

दिल्ली कांग्रेस ने 29 अक्टूबर को नरेन्द्र मोदी सरकार की ओर से राजधानी की अनधिकृत कालोनियों के बारे में जारी नियमन संबंधी अधिसूचना को धोखा करार देते हुए कहा कि इससे इन इलाकों में रहने वाले लोगों की दुश्वारियां और बढ़ जायेंगी।


नई दिल्ली। दिल्ली कांग्रेस ने 29 अक्टूबर को नरेन्द्र मोदी सरकार की ओर से राजधानी की अनधिकृत कालोनियों के बारे में जारी नियमन संबंधी अधिसूचना को धोखा करार देते हुए कहा कि इससे इन इलाकों में रहने वाले लोगों की दुश्वारियां और बढ़ जायेंगी।

यह खबर भी पढ़ें: CAA को लेकर कानपुर में फिर भड़की हिंसा, जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने किया लाठीचार्ज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री अजय माकन और अरविंदर सिंह लवली ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इन कालोनियों का ‘लैंड यूज’ बदला जाना चाहिए था जो नहीं किया गया है जिससे इन कालोनियों में रहने वाले लोगों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इन कालोनियों का ‘ले आउट’ भी स्वीकृत नहीं किया गया तो इन्हें अधिकृत कैसे किया जा सकेगा।

पूर्व केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री माकन ने कहा कि 22 अक्टूबर को केन्द्र सरकार की ओर से नियमन संबंधी जारी अधिसूचना में इन कालोनियों को ‘लैंड यूज’ बदला नहीं गया है और इनका ‘ले आउट’ स्वीकृत नहीं किया गया है जिससे ये कालोनियां अनधिकृत ही कही जायेंगी। उन्होंने कहा कि रविवार को प्रधानमंत्री मोदी यहां एक रैली में इन कालोनियों में रहने वाले कुछ लोगों को प्रमाणपत्र वितरित करेंगे लेकिन ये इस बात की गारंटी नहीं होगी कि रहवासियों को मालिकाना हक प्राप्त हो जाएगा।

माकन ने कहा कि नयी अधिसूचना में इन कालोनियों की अधिकांश भूमि सरकारी घोषित कर दी गयी है जिसके बाद अब वहां के रहवासियों को भारी भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि इन कालोनियों में अब गैर आवासीय कार्य मान्य नहीं किये गये हैं जिससे लाखों छोटे दुकानदारों, अस्पतालों, क्लीनिकों, भंडारगृहों को अवैध घोषित कर दिया जायेगा। इन्हें या तो बंद करना पड़ेगा या सील कर दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि शुल्क के मामले में अनधिकृत कालोनियों को निकट की ‘ए’ श्रेणी की काॅलोनी के समकक्ष बना दिया गया है जिससे वहां के रहवासियों को ए श्रेणी के कालोनियों में पड़ने वाले शुल्क के बराबर राशि का भुगतान करना होगा। माकन ने इन कालोनियों के संबंध में केन्द्र और दिल्ली सरकार से सात सवाल पूछे हैं और केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी से उनका जवाब मांगा है। 

उन्होंने कहा कि वह भी शहरी विकास मंत्री रहे हैं और उम्मीद करते हैं पुरी उनके सवालों के जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि उनके शहरी विकास मंत्री कार्यकाल के दौरान 24 मार्च 2008 को जारी अधिसूचना में इन सारे प्रश्नों को हल किया गया था जिन्हें अब दरकिनार कर दिया गया है। लवली ने अनधिकृत कालोनियों के बारे में कल यहां होने वाली भारतीय जनता पार्टी की रैली को ढकोसला रैली करार देते हुए कहा कि निजी भूमि पर रहने वाले लाेगों की जमीन को अब सरकारी भूमि घोषित कर दिया गया है और लोगों को अब लाखों रुपये देने होंगे। यह राजधानी की जनता के साथ धोखा है।

ऐसी ही ताजा खबरों व अपडेट के लिए डाउनलोड करे संजीवनी टुडे एप

More From state

Trending Now
Recommended