संजीवनी टुडे

गड़बड़ी: अमान्य संस्थानों की सूची में बदल दिया यूनिवर्सिटी का नाम

संजीवनी टुडे 14-07-2019 17:08:47

बेगूसराय जिला के शिक्षा विभाग में मान्य-अमान्य संस्थानों की सूची जारी करने का खेल चल रहा है।


बेगूसराय। बेगूसराय जिला के शिक्षा विभाग में मान्य-अमान्य संस्थानों की सूची जारी करने का खेल चल रहा है। ताजा मामला बेगूसराय सदर एवं बखरी प्रखंड का है। बखरी प्रखंड के शिक्षा पदाधिकारी ने 27 जून को एक पत्र निर्गत कर अमान्य संस्थान की डिग्री पर बहाल शिक्षकों का 28 शिक्षकों का लिस्ट जारी किया। पत्र जारी करने के एक सप्ताह बाद ही फिर दूसरा पत्र जारी कर संस्थानों से प्राप्त डिग्री के मान्यता को लागू कर दिया गया। शिक्षा विभाग ने 2008 से पूर्व की डिग्री को मान्य करार दे दिया है।

इसी तरह बेगूसराय सदर प्रखंड के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने अमान्य संस्थानों के डिग्री पर बहाल 18 शिक्षकों की सूची जारी किया है। सभी को स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। इस सूची में कई शिक्षकों के नाम के सामने जिस संस्थान से पास दिखाया है, उस संस्थान की डिग्री संबंधित शिक्षक के पास नहीं है। बेगूसराय प्रखंड के शिक्षा पदाधिकारी द्वारा इसी पत्र के आलोक में देश के प्रख्यात कवि साहित्यकार बाबा नागार्जुन की पुत्री मंजू देवी को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।
 
मध्य विद्यालय रघुवर नगर में कार्यरत मंजू देवी ने बताया कि 1976 में उसने प्रयाग महिला विद्यापीठ इलाहाबाद इलाहाबाद से मैट्रिक समकक्ष विद्या विनोदनी की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण किया। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर 1980-82 में बिहार सरकार के शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय बेगूसराय से प्रशिक्षण प्राप्त किया और शिक्षक पद पर नियुक्त हुई। लेकिन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा अमान्य संस्थान से उत्तीर्ण शिक्षकों की जारी किए गए सूची में मंजू देवी के नाम के सामने कॉलम में हिंदी विद्यापीठ देवघर से विद्या विनोदिनी उत्तीर्ण दर्शाया गया है। जबकि मंजू देवी ने देवघर विद्यापीठ का कोई प्रमाण पत्र अपने नौकरी में नहीं लगाया है।

इसी पत्र में बीएसएस कॉलेजिएट मध्य विद्यालय की शिक्षिका सावित्री देवी एवं मध्य विद्यालय अनुसूचित जाति पोखड़िया की शिक्षिका सुभद्रा देवी के कॉलम में भी देवघर विद्यापीठ लिख दिया गया है। जबकि सावित्री देवी ने संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगा से मध्यमा तथा सुभद्रा देवी ने प्रयाग महिला विद्यापीठ इलाहाबाद से विद्या विनोदनी की परीक्षा पास की है। शिक्षा पदाधिकारी द्वारा प्रयाग महिला विद्यापीठ इलाहाबाद के कई डिग्री को भी अमान्य करार दिया गया है। 

जबकी 2012 और 2015 में बिहार सरकार के प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने पटना उच्च न्यायालय में दायर एक याचिका में कहा था कि विद्या विनोदनी की उपाधि के बाद सरकार के प्रशिक्षण संस्थान से पास को शिक्षक पद पर नियुक्त किया जा सकता है। एक मामले की सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के शिक्षा निदेशक ने कहा था कि विद्या विनोदनी की परीक्षा में प्रयाग महिला विद्यापीठ से उत्तीर्ण अभ्यर्थी मान्य और योग्य हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव डॉ सुरेश प्रसाद राय ने कहा कि दोहन की मंशा से इस तरह के पत्र जारी किए जा रहे हैं। ऐसे पदाधिकारी के विरुद्ध संज्ञान लेकर अभिलंब कार्रवाई होनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि सूची जारी करने की आड़ में शिक्षकों का मानसिक शोषण किया जा रहा है। किसी प्रखंड में पहले जारी किए गए सूची को बदला जा रहा है, तो किसी प्रखंड के शिक्षा पदाधिकारी को यह पता नहीं है कि अमान्य संस्थान के प्रमाण पत्र पर बहाल करार दिये गये शिक्षक को संस्थान का नाम ही पता नहीं है। वरीय अधिकारी पहल नहीं करेंगे तो आंदोलन के साथ न्यायालय का रुख करना पड़ेगा।

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