संजीवनी टुडे

बक्सर में चौबे के सामने बादशाहत बरकरार रखने की चुनौती

संजीवनी टुडे 17-03-2019 16:13:16


बक्सर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कयासों पर पूर्णविराम लगाते हुए ब्राह्मण बहुल बक्सर लोकसभा सीट में चुनावी शतरंज सजा दी है। भाजपा हाईकमान के स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे को उम्मीदवार घोषित करने से स्थानीय कार्यकर्ता और समर्थक गदगद हैं।

अब चौबे को बादशाहत बरकरार रखने के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्थानीय नेताओं की गुटबाजी को काबू करने की होगी। देखना होगा कि केंद्रीय मंत्री चौबे राज्य की पूर्व मंत्री और बक्सर सदर से भाजपा की पूर्व विधायक सुखदा पाण्डेय और भाजपा के पूर्व सांसद स्वर्गीय लालमुनी चौबे के गुटों को कैसे मनाते हैं। 

मात्र 240000/- में टोंक रोड जयपुर में प्लॉट 9314166166

पिछले चुनाव में लालमुनी चौबे ने बगावत कर अश्विनी चौबे के खिलाफ पर्चा भरा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत को टिकट कटने से लाल-पीले लालमुनी चौबे को समझाना पड़ा था। तब अश्वनी चौबे की राह आसान हुई थी। चुनाव में अगड़ी जाति विशेष के लिए बक्सर को सुरक्षित माना जाता है। यहां से पहला चुनाव स्थानीय नेता के तौर पर डुमरांव महाराजा कमल सिंह ने जीता था। इसके बाद के सभी चुनाव में भाजपा ने बाहरी उमीदवार पर भरोसा जताया। 

MUST WATCH & SUBSCRIBE

बक्सर से कांग्रेस के मुन्ना उर्फ संजय तिवारी, डुमरांव से जनता दल (यू) के ददन सिंह यादव और ब्रह्मपुर से राष्ट्रीय जनता दल के शम्भु यादव विधायक हैं। राजपुर सुरक्षित सीट से मंत्री संतोष निराला काबिज हैं। जदयू-भाजपा गठबन्धन सरकार में यहां से दोनों दलों का प्रतिनिधितत्व है। लोगों का कहना है कि बावजूद इसके संसदीय क्षेत्र का समुचित विकास नहीं हुआ। अगर डुमरांव विधायक ददन बगावत कर निर्दलीय लोकसभा का चुनाव लड़ते हैं तो लड़ाई दिलचस्प हो सकती है। 

More From state

Loading...
Trending Now