संजीवनी टुडे

कोलकाता में केंद्रीय बलों की अति सक्रियता की होगी जांच, मांगा गया वीडियो फुटेज

संजीवनी टुडे 20-03-2019 22:39:14


कोलकाता। कोलकाता में रूट मार्च के दौरान केंद्रीय जवानों द्वारा कथित तौर पर किए गए आचार संहिता के उल्लंघन और आम मतदाताओं से बातचीत कर उन पर दबाव बनाने के आरोपों की जांच हेतु चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस आयुक्त अनुज शर्मा से वीडियो फुटेज मांगा है। यह जानकारी कोलकाता जिला चुनाव अधिकारी दिवेंदु सरकार ने दी है। उन्होंने बताया कि गत रविवार को उल्टाडांगा में नियमित रूट मार्च के दौरान केंद्रीय बलों के जवानों ने कई लोगों से बातचीत की थी। इसे लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में आपत्ति दर्ज कराई है और आरोप लगाया है कि मतदाताओं पर दबाव बनाने के लिए केंद्रीय जवानों ने ऐसा किया है। 

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इसकी जांच के लिए उस दिन रूट मार्च का वीडियो फुटेज मांगा गया है। अगर पाया गया कि केंद्रीय जवानों ने किसी भी तरह से मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की है तो निश्चित तौर पर इसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। आयोग की ओर से बुधवार को बताया गया कि उसने कोलकाता के सीपी अनुज शर्मा से उल्टाडांगा में केंद्रीय बल के जवानों की गस्ती के दौरान ली गई वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग की गई है क्योंकि गश्ती की स्थानीय पुलिस वीडियो रिकार्डिंग करती है। अर्थात आयोग ने पुलिस कमिश्‍नर से उस दिन की घटना की पूरी वीडियो रिकार्डिंग की मांग की है। 

आयोग सूत्रों का कहना है कि जरुरत होने पर वह मीडिया घरानों से भी संबंधीत गश्ती का वीडियो लिया जा सकता है। उत्तर कोलकाता जिला चुनाव अधिकारी दिवेंदु सरकार ने बुधवार को कहा कि मुख्य चुनाव अधिकारी ने मामले की जांच करने का आदेश दिया जिसके बाद उन्होंने सीपी अनुज शर्मा से मामले की वीडियो की मांग की। वीडियो की जांच के बाद वे पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को भेजेंगे। उन्होंने कहा कि हम फिलहाल किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं तथा वीडियो फुटेज मिलने के बाद ही जांच कर कुछ कह सकेंगे। 

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इससे पहले बुधवार को मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय में बीएसएफ के आईजी, एडीजी कानून-व्यवस्था सिद्धिनाथ गुप्ता, एडीजी (आर्मड पुलिस) व अन्य चुनाव अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में केंद्रीय बल को गस्ती के दौरान किन-किन बातों पर ध्यान देेने की जरुरत है, इस पर दिशा-निर्देश दिया गया। इसके अलावा सीमावर्ती जिलों में भी घुसपैठ रोकने के लिए बीएसएफ को तत्पर रहने का परामर्श दिया गया है। 

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