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केंद्र ने बंगाल सरकार को दिया 3086 करोड़ रुपये, राज्य सरकार ने इसका कोई हिसाब नहीं दिया: दिलीप घोष

संजीवनी टुडे 26-05-2020 20:47:00

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने बंगाल सरकार को विभिन्न चक्रवाती तूफान के बाद राहत सहित अन्य मद में 3086 करोड़ रुपये अनुदान के तौर पर दिया है।


कोलकाता। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने बंगाल सरकार को विभिन्न चक्रवाती तूफान के बाद राहत सहित अन्य मद में  3086 करोड़ रुपये अनुदान के तौर पर दिया है। लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक इसका कोई हिसाब नहीं दिया है।

मंगलवार को घोष ने साल्टलेक स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की बातें पैसे से शुरू होती हैं और पैसे पर ही समाप्त होती है। मुख्यमंत्री बार-बार यह आरोप लगाती हैं कि केंद्र पैसा नहीं दे रहा है, लेकिन वर्ष 2009 से केंद्र सरकार ने समय-समय पर राज्य सरकार को 3086 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है, लेकिन उसका कोई हिसाब राज्य सरकार ने नहीं दिया है।

उन्होंने कहा कि आइला, बुलबुल, नदी सुधार सहित विभिन्न क्षेत्रों में 2009 से अब तक हजारों करोड़ रुपये आ चुके हैं। उस पैसे का कोई हिसाब नहीं है। सुंदरवन के मैंग्रोव नष्ट हो रहे हैं। मैंग्रोव चक्रवाती तूफान से रक्षा का कार्य करता है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की मदद से मैंग्रोव काटकर भेरी बनाये जा रहे हैं। मैंग्रोव के नष्ट होने से पर्यावरण के संतुलन बिगड़ रहा है। सुंदरवन चक्रवात झेलने की अपनी क्षमता खो रहा है। राज्य में आपदा प्रबंधन मंत्री हैं, लेकिन वह पिछले सात दिनों से कहीं नहीं दिख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महानगर के लोग परेशान हैं, लेकिन कोई पार्षद, कोई मंत्री सड़क पर दिखायी नहीं दे रहे हैं। सीइएससी को जवाबदेह ठहराया जा रहा है। घोष ने प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों को अब राज्य सरकार में वापस नहीं लाना चाहती है। सभी राज्यों ने अपने प्रवासी श्रमिकों को कई ट्रेनों से वापस लाया है, लेकिन बंगाल सरकार ने सिर्फ प्रवासी श्रमिकों के साथ धोखा किया है। केवल 35,000 प्रवासी श्रमिक राज्य में लौटे हैं। अभी भी 34 लाख प्रवासी श्रमिक राज्य लौटने के इंतजार में हैं। उनके लौटाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है, लेकिन राज्य सरकार पालन नहीं कर रही है और अब जब ट्रेन और हवाई सेवाएं शुरू हो रही है और राज्य सरकार को केवल टेस्ट करने हैं और क्वारेंटाइन सेंटर बनाने हैं। उसकी भी व्यवस्था सरकार नहीं कर पा रही है। पूरा जिम्मा पंचायत और नगरपालिका पर छोड़ दिया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार ने जो भी 1000 करोड़ रुपये सहायता राशि दी है उसका हिसाब भाजपा लेगी।

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