संजीवनी टुडे

महिलाओं से होने वाले स्ट्रीट क्राइम पर महिला ग्रुप पेट्रोलिग से लगेगी लगाम

संजीवनी टुडे 19-03-2019 22:16:02


नई दिल्ली। राजधानी की सड़कों पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने महिला ग्रुप पेट्रोलिंग की शुरूआत की है। इसके तहत दो-दो की संख्या में महिला पुलिसकर्मी ग्रुप में इलाके में पेट्रोलिंग करेंगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस व्यवस्था की शुरूआत दक्षिणी रेंज के दक्षिणी व दक्षिण पूर्वी ईस्ट जिले में 34 ग्रुप पेट्रोलिंग टीम के साथ शुरू की गई है। धीरे-धीरे इस व्यवस्था को पूरी दिल्ली में लागू करने की तैयारी है। 

पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने सड़क पर महिलाओं के साथ होने वाली आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से महिलाओं के ग्रुप पेट्रोलिंग दस्ते को सड़कों पर उतारने का निर्णय लिया है। इस टीम को होली से ठीक दो दिन पहले ही सड़कों पर उतारा गया है, ताकि इस इस दौरान महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं पर भी लगाम लगाया जा सके।
महिला पुलिसकर्मियों का यह दस्ता दो-दो की संख्या में राजधानी के विभिन्न इलाकों में गश्त करेगा। महिला पुलिसकर्मियों का यह दस्ता महिलाओं के साथ दिल्ली की सड़कों पर झपटमारी व छेड़-छाड़ सहित अन्य अपराधों पर नजर रखेगा।

स्कूल कॉलेज व बाजारों में तैनाती
महिला ग्रुप पेट्रोलिंग दस्ते को खासतौर से महिला स्कूल कॉलेजों व भीड़भाड़ वाले बाजारों के आसपास में तैनात किया गया है। दरअसल स्कूल कॉलेज के बाहर छेड़छाड़ करने वाले बदमाशों पर लगाम लगाना और भीड़भाड़ वाले बाजारों में महिलाओं के साथ झपटमारी व लूटपाट करने की घटनाओं को रोकने के मकसद से इन जगहों पर इस दस्ते को खासतौर पर तैनात किया गया है। 
हथियारों से होंगी लैस
बदमाशों को काबू करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को हथियारों से भी लैस किया जा रहा है। ताकि बदमाशों को काबू किया जा सके। खासबात यह है कि इन दुपहिया वाहनों इसमें फस्र्ट ऐड बॉक्स की भी व्यवस्था होती है। ताकि सड़कों पर होने वाले हादसे के दौरान घायल हुए लोगों को प्राथमिक उपचार भी मुहैया कराया जा सके। दिल्ली पुलिस की इस नई व्यवस्था में विभिन्न थानों में तैनात महिला पुलिसकर्मी को ही शामिल कर रही है। इसके लिए अलग से कोई व्यवस्था करने भी जरूरत नहीं है। 

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इसके पहले क्या थी व्यवस्था
हालांकि इसके पहले भी महिलाओं से होने वाली झपटमारी व अन्य अपराधों को ध्यान में रखते हुए कुछ इलाकों में महिला पुलिसकर्मियों से लैस पीसीआर की शुरूआत की गई थी लेकिन इस तरह से सड़कों पर इतनी बड़ी तादात में महिला पुलिसकर्मियों द्वारा गश्त की व्यवस्था पहली बार की जा रही है। इन्हें खासतौर से पीक आवर्स में उतारा जाएगा।
माना जा रहा है कि राजधानी में पिछले दिनों महिलाओं के साथ बढ़ी झपटमारी व विरोध करने पर मारी गई गोली मारने व धक्का दिए जाने की घटना में हुई मौत की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया गया है।
दिल्ली में क्या है ‘स्ट्रीट क्राइम’ ट्रेंड 
झपटमारी 
--राजधानी में अब मंगलसूत्र की जगह ‘स्मार्ट फोन’ की हो रही है झपटमारी
--‘स्मार्ट फोन’ की झपटमारी का आंकड़ा 14 से बढ़कर 54 फीसदी तक पहुंचा ।
--मंगलसूत्र व चेन झपटमारी घटनाएं 57 फीसदी से घटकर पहुंची 14 फीसदी पर।
--‘स्मार्ट फोन’ की झपटमारी की घटनाओं में चार गुने की हुई बढ़ोतरी 
लूटपाट 
-- राजधानी में अब कैश व मोबाइल फोन की लूटपाट सबसे ज्याया होती है। 
--‘कैश/ मोबाइल फोन ’ की लूटपाट का आंकड़ा करीब 52 फीसदी का है। 
--दिल्ली में सिर्फ कैश की लूटपाट के मामले करीब 25 फीसदी हैं। 
--राजधानी में अन्य दूसरे सामानों की लूटपाट के हैं 24 फीसदी मामले। 

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क्या कहना है ज्वाइंट कमिश्नर का
साउथ ईस्टर्न रेंज के ज्वाइंट कमिश्रनर देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि इस व्यवस्था से दिल्ली की सड़कों पर चलने वाली महिलाओं की सुरक्षा को और दुरूस्त बनाने में मदद मिलेगी और महिलाओं में भी विश्वास बढ़ेगा। 

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