संजीवनी टुडे

हिमाचल में भाजपा का दूसरी बार क्लीन स्वीप, कमजोर रणनीति से धराशायी हुई कांग्रेस

संजीवनी टुडे 23-05-2019 21:15:42


शिमला। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने हिमाचल प्रदेश में लगातार दूसरी बार क्लीन स्वीप किया है। भाजपा ने इस बार चार सीटों पर एतिहासिक मार्जन से जीत दर्ज कर कांग्रेस को बुरी तरह परास्त किया है। कांगड़ा सीट से भाजपा ने 4.66 लाख के विशाल अंतर से जीत दर्ज की। मंडी और हमीरपुर सीटों पर भाजपा की जीत का आंकड़ा क्रमशः 4.05 लाख तथा 3.87 लाख रहा। जबकि शिमला सीट पर भाजपा ने 3.27 लाख मतों से अपना कब्जा बरकरार रखा।  इससे पहले साल 2014 में चारों सीटें भाजपा की झोली में गई थीं। लेकिन तब भाजपा की जीत का सबसे बड़ा अंतर कांगड़ा सीट पर 1.70 लाख था। 

अहम बात यह रही कि भाजपा ने सभी 68 विधानसभा हल्कों में बढ़त लेकर इतिहास रचा है। चार साल पहले भी जब मोदी की लहर थी, तब राज्य में भाजपा को 59 हल्कों में बढ़त मिली थी। प्रदेश के चुनावी इतिहास में भाजपा की यह अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इस बार भाजपा को 69 फीसदी वोट मिले, जबकि कांग्रेस को महज 26 फीसदी मत पड़े। 2014 में भाजपा को 57 फीसदी मत मिले थे।  डेढ़ साल पहले हुए विधानसभा के चुनाव में भाजपा को 51 फीसदी वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस को 41 फीसदी मतों से संतोष करना पड़ा था। इससे पहले 1998 व 1999 के लोस चुनाव में भाजपा को तीन-तीन सीटें मिली थी। 

प्लीज सब्सक्राइब यूट्यूब चैनल

भाजपा उम्मीदवारों की रिकाॅर्ड मार्जन से जीत की एक वजह कांग्रेस की कमजोर रणनीति भी रही। चुनाव प्रचार अभियान में एकजुटता दिखाने के बजाय कांग्रेस नेता अहम की लड़ाई में ही उलझे रहे। कांगे्रस के स्टार प्रचारक वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में जगह-जगह जनसभाएं तो कीं, लेकिन उनके बयानों ने कांग्रेस को सकते में डाले रखा। मंडी लोकसभा सीट में एक चुनावी रैली में कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम पर भी निशाना साधा था। दूसरी ओर कुलदीप राठौर के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों कौल सिंह, सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कुलदीप कुमार ने भी प्रचार से दूरी बनाए रखी। 

मात्र 240000/- में टोंक रोड जयपुर में प्लॉट 9314166166

More From state

Trending Now
Recommended