संजीवनी टुडे

युवतियों को आत्मनिर्भरता सिखा रही वनस्थली : डॉ. चौहान

संजीवनी टुडे 23-03-2019 19:38:48


टोंक। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् के अध्यक्ष डॉ. वीएस चौहान ने कहा कि महिलाओं को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने में वनस्थली के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जब देश में साक्षरता की दर कम थी और लड़कियां घरों तक ही सीमित थी, उस समय वनस्थली ने महिलाओं को शिक्षा प्रदान कर सशक्त किया है। 

डॉ. चौहान शनिवार को वनस्थली विद्यापीठ के 83वें वार्षिकोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जब देश में महिलाएं साइकिल चलाना सीख रही थी तब वनस्थली में छात्राओं को घुड़सवारी और पायलट बनने की शिक्षा दी जा रही थी। जब महिलाओं को व्यावसायिक शिक्षा के बाद सांसारिक नौकरियों में बसने के लिए कहा जाता है तब वनस्थली विद्यापीठ में अवनी चतुर्वेदी जैसी पहली एकल महिला फाइटर पायलट तैयार करना लक्ष्य होता है। आज जब एसटीइएम पाठ्यक्रम पुरूष प्रधान है तब महिलाओं के लिए इस अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में छात्राएं ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ सीख रही है और मेकाट्रोनिक्स और रोबोटिक्स की सबसे उन्नत उद्योग प्रयोगशालाओं में तकनीकी कौशल प्राप्त कर रही है।

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उन्होंने कहा कि वनस्थली विद्यापीठ वह संस्थान है जो अपनी छात्राओं को धैर्यवान होकर बहस करना सिखाता है। सभी को विशेष शिक्षा द्वारा समाज की सेवा करने की भावना पैदा करता है। वनस्थली की छात्राओं की प्रत्येक गतिविधि चाहे वह परेड़ हो, घुड़सवारी हो, शूटिंग हो या अन्य कोई कौशल हो, सभी को देखकर वे यह कह सकते है कि वनस्थली की छात्राएं अपने राष्ट्र को अधिक ऊंचाईयों तक ले जाएगी। उन्होंने वनस्थली की पंचमुखी शिक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति की इस संस्था ने पंचमुखी शिक्षा प्रणाली के माध्यम से छात्राओं को उनकी जन्मजात क्षमताओं को महसूस करने और उसके सांस्कृतिक व पर्यावरणीय संदर्भ के साथ प्राप्त ज्ञान को एकीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वार्षिकोत्सव का मुख्य कार्यक्रम प्रज्ञा मंदिर पण्डाल में वैदिक मंगलाचरण व वनस्थली गीतिका से आरंभ हुआ। इससे पूर्व विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आदित्य शास्त्री ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने वनस्थली विद्यापीठ का 83वां वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रो. चित्रा पुरोहित ने अध्यक्षीय उद्बोधन में विद्यापीठ के सर्वांगीण विकास की जानकारी दी। अंत में प्रो. सिद्धार्थ शास्त्री ने आभार जताया। सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में छात्राओं ने शास्त्रीय और लोक परंपरागत कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।

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आरंभ में विद्यापीठ के स्वागत द्वार पर प्रो. चित्रा पुरोहित, उपाध्यक्ष प्रो. सिद्धार्थ शास्त्री, कुलपति प्रो. आदित्य शास्त्री, सह कुलपति प्रो. ईना शास्त्री, कोषाध्यक्ष प्रो. सुधा शास्त्री, कार्यकत्र्ता एवं छात्राओं ने डॉ. चौहान का स्वागत किया। वनस्थली सेवा दल के बैंड द्वारा सलामी दी गई। डॉ. चौहान ने वनस्थली की प्रेरणा शक्ति स्थल व गांधीघर का अवलोकन किया। लक्ष्मीबाई मैदान में वनस्थली सेवादल की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सेरेमोनियल परेड़ में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। अतिथियों ने कला मंदिर में चित्रकला विभाग की छात्राओं एवं देश विदेश के कलाकारों की चित्रकारी एवं फ्रे स्को कला को देखा। तदुपरान्त वीरबाला मैदान में घुड़सवारी कौशल देखा। मारूत मैदान में फ्लाइंग क्लब की गतिविधियों को सराहा गया। 
हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर

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