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भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और राजगुरू को शहीद का दर्जा नहीं दिए जाने रोष

संजीवनी टुडे 23-07-2019 21:33:25

शहीद-ए-आजम भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और राजगुरू को अभी तक भारत सरकार द्वारा शहीद का दर्जा नहीं दिए जाने को लेकर मंगलवार को यहां शहीद-ए-आजम भगत सिंह के भतीजे अभय सिंह संधू और चंद्रशेखर आजाद के नाती विशाल नैयर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों और इसके प्रधानमंत्रियों पर गुस्सा फूट पड़ा।


जींद। शहीद-ए-आजम भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और राजगुरू को अभी तक भारत सरकार द्वारा शहीद का दर्जा नहीं दिए जाने को लेकर मंगलवार को यहां शहीद-ए-आजम भगत सिंह के भतीजे अभय सिंह संधू और चंद्रशेखर आजाद के नाती विशाल नैयर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों और इसके प्रधानमंत्रियों पर गुस्सा फूट पड़ा। शहीदों के इन रिश्तेदारों ने कहा कि सही मायनों में देश आजाद नहीं हुआ है। फर्क केवल यह है कि अंग्रेज देश से चले गए और उनकी जगह काले अंग्रेजों ने ले ली है। शहीदों को केवल 15 अगस्त और 26 जनवरी के दिन याद किया जाता है और उनके नाम पर सिसायत कर वोट बटोरे जाते हैं लेकिन उन्हें असली सम्मान आज तक देश की किसी सरकार ने नहीं दिया है।

 शहीद चंद्रशेखर आजाद के जन्मदिवस के मौके पर जयति-जयति हिंदू महान संगठन ने द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर के मौके पर श्री संधू और श्री नैयर ने बतौर मुख्यातिथि भाग लिया और इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और राजगुरू को भारत सरकार ने शहीद का दर्जा नहीं दिया है। आज भी कागजों में इन शहीदों को आतंकवादी बताया जाता है। अगर ये शहीद आतंकवादी हैं तो फिर सरकार इन्हें सम्मान क्यों देती है और अगर यह शहीद हैं तो फिर इन्हें शहीद का दर्जा देने में क्या दिक्कत है। श्री संधू ने कहा कि भारत सरकार ने अंग्रेजों के साथ कई तरह के गुप्त समझौते किए हुए हैं जिनके दबाव में आज तक देश के लिए अपना सब कुछ भरी जवानी में कुर्बान कर देने वाले शहीदों को शहीद का दर्जा नहीं दिया गया है। 

उन्होंने कहा कि श्री मोदी ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा के रेवाड़ी में आयोजित रैली में कहा था कि प्रधानमंत्री बनते ही वह सबसे पहले शहीदों को शहीद का दर्जा देंगे लेकिन आज तक कुछ नहीं किया। श्री नैयर ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने भारत के मुकाबले भगत सिंह को ज्यादा मान-सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ने अपने नेताओं के नाम पर तो अनेक योजनाएं और स्मारक बना दिए हैं लेकिन शहीदों के नाम पर दिल्ली में एक भी स्मारक नहीं बनाया है। दीनदयाल उपाध्याय, जवाहर लाल नेहरू, अटल बिहारी वाजपेयी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी, महात्मा गांधी के नाम पर कई योजनाएं केंद्र सरकारों ने शुरू की हैं लेकिन शहीद चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और राजगुरू के नाम पर आज तक कोई योजना शुरू नहीं की गई। 

जब उनसे यह सवाल किया गया कि शहीदों को सम्मान देने के मामले में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) में क्या फर्क है तो उन्होंने दावा किया कि दोनों ही दल शहीदों के नाम पर केवल सियासत करते हैं। शहीदों के नाम पर वोट बटोरते हैं और सत्ता में आने के बाद शहीदों को भूल जाते हैं। देश के लिए जिन्होंने सब कुछ किया, उन्हें भाजपा और कांग्रेस ने भुला दिया। देश में आर्थिक समानता के लिए शहीदों ने बलिदान दिया लेकिन आज आर्थिक असामनता चरम पर है। देश की 90 प्रतिशत आर्थिक ताकत 10 प्रतिशत लोगों के हाथ में है। 

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