संजीवनी टुडे

जीडीपी एवं रोजगार बढ़ाने में बैंकिंग सेक्टर की अह्म भूमिका- गहलोत

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 22-01-2020 16:46:37

अशोक गहलोत ने वर्तमान आर्थिक हालातों के मद्देनजर अर्थव्यवस्था में सुधार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होने पर बल देते हुए कहा है कि बैंकिंग सेक्टर देश की जीडीपी और रोजगार वृद्धि में बड़ा योगदान दे सकता हैं।


जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्तमान आर्थिक हालातों के मद्देनजर अर्थव्यवस्था में सुधार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होने पर बल देते हुए कहा है कि बैंकिंग सेक्टर देश की जीडीपी और रोजगार वृद्धि में बड़ा योगदान दे सकता हैं।

गहलोत आज यहां नाबार्ड की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय ऋण संगोष्ठी में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान आर्थिक हालातों को देखते हुए अर्थव्यवस्था में सुधार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैंकिंग सेक्टर की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। बैंक प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लक्ष्य के अनुरुप ऋण प्रदान कर देश की जीडीपी और रोजगार वृद्धि में बड़ा योगदान दे सकते हैं।

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उन्होंने कहा कि कृषि, पशुपालन, डेयरी, हस्तशिल्प, जल संरक्षण, ग्रामीण विकास एवं स्वरोजगार सहित अन्य क्षेत्रों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। नाबार्ड सहित अन्य बैंकिंग संस्थाएं इन क्षेत्रों को आगे बढ़ाकर देश एवं प्रदेश के विकास में अह्म भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी, उद्योग, कृषि प्रसंस्करण तथा एमएसएमई सेक्टर के विकास के लिए नई नीतियां लेकर आई है। इसी के साथ बाड़मेर में रिफाइनरी सह पेट्रोकैमिकल कॉम्प्लेक्स पर भी तेजी से काम चल रहा है। ऎसे में नाबार्ड एवं बैंकों की प्रदेश में भूमिका और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ने पहले भी राज्य के विकास में आगे बढ़कर सहयोग किया है। आशा है आगे भी नाबार्ड इसी तरह अपनी भूमिका का निर्वहन करेगा।

गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों ने जिस प्रकार उद्योगपतियों के कर्ज का वन टाइम सैटलमेंट कर उद्योगों को राहत दी है उसी तरह अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले कृषि क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए उन्हें राज्य में किसानों के ऋण का वन टाइम सैटलमेंट करने पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहकारी बैंकों एवं भूमि विकास बैंकों के माध्यम से किसानों का ऋण माफ किए जाने से किसानों को राहत मिली है।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर नाबार्ड के वर्ष 2020-21 के स्टेट फोकस पेपर का विमोचन किया। इस पेपर में नाबार्ड द्वारा राज्य में प्राथमिकता क्षेत्रों को 2 लाख 11 हजार 659 करोड़ रुपए के ऋण वितरण का आकलन किया गया है। जिसमें से 65 प्रतिशत कृषि, 22 प्रतिशत एमएसएमई एवं शेष 13 प्रतिशत हिस्सा अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए निर्धारित किया गया है।

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इस अवसर पर मुख्य सचिव डी बी गुप्ता ने कहा कि बैंक प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को ऋण वितरण करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में मजबूती से प्रयास करने चाहिए। इससे ग्रामीण क्षेत्र में जनता की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार तथा राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुरेश चन्द्र ने कहा कि स्टेट फोकस पेपर के तहत नाबार्ड का इस वर्ष का मुख्य फोकस हाईटेक कृषि पर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषक उत्पादक समूहों (एफपीओ) तथा एमएसएमई को प्रोत्साहित कर रही है। नाबार्ड इसमें पूरा सहयोग करेगा। इस मौके मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित भी किया।

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