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कोरोना वायरस: सदियों पुरानी परंपरा टूटी, देवीपाटन नहीं पहुंचेगी पीर रतननाथ यात्रा

संजीवनी टुडे 28-03-2020 13:07:22

कोरोना वायरस के चलते शक्तिपीठ देवीपाटन में हर वर्ष नेपाल के पीर रतननाथ मंदिर से आने वाली पीर रतननाथ योगी की धार्मिक यात्रा इस बार रोक दी गई है।


बलरामपुर। कोरोना वायरस के चलते शक्तिपीठ देवीपाटन में हर वर्ष नेपाल के पीर रतननाथ मंदिर से आने वाली पीर रतननाथ योगी की धार्मिक यात्रा इस बार रोक दी गई है। इस यात्रा के रुकने से सदियों पुरानी परम्परा टूट गई है। यह यात्रा प्रत्येक वर्ष चैत्र नवरात्र की पचंमी के दिन नेपाल के दांग से यहां पहुंचती थी। हजारों लोगों की इस यात्रा को यहां रविवार को पहुंचना था। 

शनिवार को शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि कोरोना के चलते पूर्व में निर्णय लिया गया था कि सिर्फ 11लोग पात्र देवता को लेकर नेपाल से आ जाये, लेकिन गोरक्षपीठ के निर्देश पर जन सुरक्षा के कारण एहतियातन इस यात्रा को रोक दिया गया है। 

उल्लेखनीय शक्तिपीठ मंदिर देवीपाटन में वर्षों से हर वर्ष पीर रतननाथ योगी की शोभायात्रा देवीपाटन आती है। माना जाता है कि दांग चौखड़ा के राजा रतन सेन ने महायोगी गुरु गोरक्षनाथ से दीक्षा लेकर उनकी आज्ञा से देवीपाटन पहुंचकर मां पाटेश्वरी की पूजन कर तपस्यारत थे। जिस पर माता ने प्रसन्न होकर उनको वरदान दिया था। 

कहा जाता है कि यहीं से उनको सिद्धि प्राप्त हुई थी। तभी से राजा रतनसेन जो अब पीर रतन नाथ के नाम से पूजे जाते है।तभी से लोग लगभग 500 किमी पैदल चल कर चैत्र नवरात्र की पंचमी को देवीपाटन पहुंचकर मां की पूजा करते थे। आज यह परम्परा टूट गयी है। इस यात्रा में हजारों लोग शामिल होते हैं। शक्ति पीठ पहुंचने पर माता की पूजन व्यवस्था नेपाल से आये पुजारी देखते हैं और उसी रात लोग नेपाल वापस चले जाते हैं। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते यह यात्रा स्थगित कर दी गयी है। यात्रा स्थगित होने से हजारों श्रद्धालुओं में मायूसी है।

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