संजीवनी टुडे

राजनीतिक प्रचार के लिए कोलकाता नगर निगम ने इस्तेमाल किया अशोक स्तंभ, प्राथमिकी दर्ज

संजीवनी टुडे 12-07-2019 14:25:30

कोलकाता नगर निगम (केएमसी) पर गैरकानूनी तरीके से राजनीतिक प्रचार-प्रसार के लिए अशोक स्तंभ का इस्तेमाल करने और राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने का आरोप सामने आया है।


कोलकाता। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) पर गैरकानूनी तरीके से राजनीतिक प्रचार-प्रसार के लिए अशोक स्तंभ का इस्तेमाल करने और राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने का आरोप सामने आया है। इसे लेकर कोलकाता के अलीपुर और चेतला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह प्राथमिकी कलकत्ता उच्च न्यायालय के अधिवक्ता कमल कुमार दे ने दर्ज कराई है।  

नियमों के अनुसार राष्ट्रीय  प्रतीक चिन्ह के तौर पर अंकित अशोक स्तंभ का इस्तेमाल किसी भी राजनीतिक प्रचार-प्रसार के लिए नहीं किया जा सकता। इसके अलावा किसी और प्रचार-प्रसार के लिए भी कोलकाता नगर निगम को इस चिन्ह का इस्तेमाल करने का संवैधानिक अधिकार नहीं है। बावजूद इसके भाजपा के "जय श्री राम" नारे के खिलाफ ममता बनर्जी की ओर से इस्तेमाल किए गए "जय हिंद, जय बांग्ला" शब्द का प्रचार करने में कोलकाता नगर निगम जुट गया है। 

मेयर फिरहाद हकीम के निर्देश पर महानगर के विभिन्न चौराहों पर ऐसे बैनर पोस्टर लगाए गए हैं जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, राजा राम मोहन रॉय, भगत सिंह, खुदीराम बोस समेत अन्य क्रांतिकारियों की तस्वीरें हैं। इन तस्वीरों के साथ लिखा गया है "जय हिंद, जय बांग्ला"। 

नीचे लिखा है कोलकाता नगर निगम और ऊपर पश्चिम बंगाल सरकार के लोगो के साथ अशोक स्तंभ भी लगाया गया है। इसके अलावा क्रांतिकारियों की तस्वीरों के नीचे ध्वज चक्र भी अंकित है और तिरंगा भी बनाया गया है। इस बारे में कमल कुमार दे का कहना है कि कोलकाता नगर निगम को अशोक स्तंभ के इस्तेमाल का संवैधानिक अधिकार ही नहीं है। ऐसे में पूरे महानगर में राजनीतिक इरादे से लगाए गए ये सारे पोस्टर में राष्ट्रीय प्रतीक का इस्तेमाल करना न केवल गैरकानूनी है बल्कि राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान भी है। 

ऐसे में इसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अलीपुर और चेतला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ-साथ इसकी प्रति मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राज्य के मुख्य सचिव मलय दे को भी भेजी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अगर जल्द से जल्द ये सारे बैनर पोस्टर नहीं खोले गए और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं हुई तो वह न्यायालय में मामला करेंगे। 

उल्लेखनीय है कि इसी तरह फिरहाद हकीम के निर्देश पर नोबेल विजेता अमर्त्य सेन की भी तस्वीरें उनके बयान के साथ पूरे कोलकाता में लगाई गई हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि जय श्री राम का इस्तेमाल आजकल लोगों को मारने-पीटने के लिए किया जा रहा है। 

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