संजीवनी टुडे

आंध्र प्रदेशः पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू के बंगले के ध्वस्तीकरण को लेकर नोटिस, अवैध निर्माण पर मांगा जवाब

संजीवनी टुडे 28-06-2019 15:35:49

राज्य सरकार ने कृष्णा नदी के किनारे बने पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बंगले को अवैध निर्माण बताते हुए उसे तोड़ने के लिए नोटिस भेज दिया है।


अमरावती। राज्य सरकार ने कृष्णा नदी के किनारे बने पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बंगले को अवैध निर्माण बताते हुए उसे तोड़ने के लिए नोटिस भेज दिया है। नायडू को सात दिनों के अंदर इस नोटिस का जवाब देना होगा।राज्य सरकार ने प्रजा वेदिका को गिराए जाने के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री के निवास के अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए चंद्रबाबू नायडू को गुरुवार देर रात नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया कि इस निर्माण के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है और कृष्णा नदी के तट पर निर्माण करना कानून का उल्लंघन है। यह नोटिस सीआरडीए के सेक्शन 115 (1) और 115 (2) के अंतर्गत जारी किया गया है। 

नोटिस में कहा गया है कि बिना अनुमति के पहली मंजिल, कमरे और अन्य कक्षाें का निर्माण किया गया है। वाईएसआर कांग्रेस के विधायक रामकृष्ण रेड्डी ने आरोप लगाते हुए कहा कि चंद्रबाबू के सहयोग से ही कृष्णा नदी के तट पर अनेक अवैध निर्माण किए गए हैं। अवैध निर्माण से नदी प्रदूषित होगी। इस बात को ध्यान में रखते नदी तट पर निर्मित अवैध निर्माणों को गिराया जाना उचित है। उन्होंने बताया कि चंद्रबाबू के आवास लिंगमानेनी एस्टेट की जमीन को लंबी लीज पर लिया था और 2015 में निर्माण किया था, जिसमे तीन मंजिले भवन के साथ स्विमिंग पूल और एक हेलीपैड भी है। 

राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (सीआरडीए) ) के सहायक निदेशक ने नोटिस में कहा है कि निर्माणकर्ता के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर निर्माण को ढहा दिया जाएगा। गौरतलब है कि कृष्णा नदी के तटबंध पर 60 से अधिक अवैध भवन निर्मित किये गए हैं। प्रजा वेदिका पर दायर याचिका में आंध्र प्रदेश के उच्च न्यायालय ने प्रजा वेदिका के निर्माण को अवैध बताया। इस बीच कड़ी सुरक्षा के बीच तीसरे दिन भी प्रजा वेदिका को गिराने का काम जारी है।

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