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आप विधायक जारवाल पर पानी टैंकर मालिकों से 60 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप

संजीवनी टुडे 25-05-2020 17:13:24

दिल्ली के देवली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं।


नई दिल्ली। दिल्ली के देवली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच में यह पाया है कि जारवाल ने पानी के टैंकर मालिकों से एक महीने में लगभग 60 लाख रुपये बतौर रिश्वत ली थी।

दिल्ली के 20 पानी टैंकर मालिक सामने आए हैं और उन्होंने दावा किया कि आप विधायक जारवाल ने उनसे पैसे मांगे थे। चार पानी टैंकर मालिकों ने मजिस्ट्रेट के समक्ष सोमवार को अपने बयान दर्ज कराए हैं। उन्होंने कहा कि हमने अपनी फाइल को मंजूरी दिलवाने के एवज में 20 हज़ार रुपये का भुगतान किया था। पानी टैंकर आपूर्ति के प्रत्येक चक्कर के लिए 500 रुपये देते थे। इलाके में ऐसे 60 टैंकरों से पानी की आपूर्ति होती थी और इनसे हर महीने 60 लाख रुपये की राशि आती थी। 

उल्लेखनीय है कि विधायक जारवाल और उनके सहयोगी को एक चिकित्सक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। चिकित्सक डॉ. राजेंद्र सिंह ने 18 अप्रैल को देवली स्थित अपने घर में आत्महत्या की थी। जांच में यह बात सामने आई है कि उन्होंने विधायक जारवाल के सहयोगी कपिल को 10 लाख रुपये का भुगतान किया था। आगे राशि का भुगतान करने से इनकार करने पर विधायक जारवाल के साथ डॉ. राजेंद्र सिंह का विवाद बढ़ गया था। 
चिकित्सक के परिवार के सदस्यों ने मजिस्ट्रेट के समक्ष पेमेंट का ब्योरा पेश किया है। टैंकर मालिकों का दावा है कि अगर भुगतान समय पर नहीं किया जाता था तो उनके टैंकरों को पानी की आपूर्ति सूची से बाहर कर दिया जाता था। उन्हें दिल्ली जल बोर्ड कार्यालय से पानी भरने की अनुमति नहीं दी जाती थी। 

दिवंगत डॉ. सिंह के बेटे हेमंत ने पुलिस को बताया कि विधायक और उनके लोग पिछले पांच साल से पिता के साथ थे। उन्होंने अपने टैंकर को दिल्ली जल बोर्ड के साथ रखने के लिए 50 लाख रुपये का भुगतान किया था, लेकिन उनसे अधिक पैसे की मांग की गई थी। अपनी मृत्यु से दो दिन पहले राजेन्द्र सिंह ने 60 हजार रुपये विधायक जारवाल को दिए थे। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनका कोई भी टैंकर डी-लिस्ट नहीं किया जाएगा, लेकिन जारवाल ने उनके टैंकर हटवा दिए। जब सिंह और हेमंत ग्रेटर कैलाश-2 स्थित दिल्ली जल बोर्ड के कार्यालय गए तो उनको बताया गया कि जारवाल ने उनका भुगतान रोक दिया है। 

सिंह की पत्नी ब्रह्मवती ने कहा कि टैंकारों को फिर से सूचीबद्ध करने के लिए रुपयों की जरूरत थी इसलिए विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने अपने 10 लाख रुपये के गहने बेचे दिए थे। अब उनके पास ड्राइवर और क्लीनर के बकाया का भुगतान करने के लिए भी पैसे नहीं हैं।

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