संजीवनी टुडे

वर्दी पहन कर रौब झाड़ने वाला फर्जी जवान पकड़ा गया, मेट्रो पुलिस की कार्रवाई

संजीवनी टुडे 28-04-2019 22:45:49


नई दिल्ली। दिल्ली के चांदनी मेट्रो स्टेशन पर केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की टीम ने एक ऐसे व्यक्ति को दबोचा जो सीआरपीएफ में भर्ती होना चाहता था। पर उसमें नाकाम रहने के बावजूद वह वर्दी पहन कर रौब झाड़ने लगा। आज सीआईएसएफ ने जब उसे स्टेशन पर संदिग्ध हालत में घूमते हुए देखा तो उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस दौरान जब उसके इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

पकड़े जाने से पूर्व पूछताछ के दौरान उसने मेट्रो पुलिस को जब यह बताया कि वह जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ में है तो शक और भी बढ़ गया। एहतियातन स्पेशल सेल व आईबी की टीम सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों को उसके बारे में सूचित कर दिया गया। इस पर पकड़े गए आरोपित से पुलिस ने सघन पूछताछ की। जब यह साफ हो गया कि वह किसी संदिग्ध संगठन से जुड़ा नहीं है, तब जाकर सुरक्षाकर्मियों ने राहत की सांस ली। हालांकि फर्जीवाड़ा करने के कारण इस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया है। 

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स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि जांच-पड़ताल के दौरान यह पता चला कि पकड़ा गया 23 वर्षीय नदीम खान है। वह मूलत: उत्तर प्रदेश के शामली जिले का रहने वाला है। दिल्ली में नदीम अपने चाचा के साथ यमुनापार के खजूरी खास इलाके में रहता है। पुलिस ने बताया कि नदीम को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में भर्ती होने का शौक था। यही नहीं उसने वर्ष 2017 में सीआरपीएफ की परीक्षा भी दी थी, लेकिन वह परीक्षा में पास नहीं हो पाया। बावजूद इसके उसने परिजनों और दोस्तों को सीआरपीएफ में भर्ती होने की झूठी बात बता दी थी और खुद वर्दी बनवा वह दोस्तों और लोगों के बीच रौब झाड़ने लगा। सीआईएसएफ के अनुसार चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन के पास से शनिवार की शाम सीआरपीएफ की वर्दी पहने उस संदिग्ध टहलते हुए पकड़ा गया। इस दौरान उसने यह बताया कि वह सीआरपीएफ में प्रशिक्षु सिपाही है और वर्तमान में जम्मू कश्मीर के श्रीनगर स्थित केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के प्रशिक्षण केंद्र में उसकी ट्रेनिंग चल रही है। वह अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने शामली आया था। 

हालांकि वह अपना अपना कोई पहचान पत्र अथवा अन्य साक्ष्य पेश नहीं कर सका। लिहाजा शक होने पर बाद में उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग पते पर बने दो आधार कार्ड मिले और दिल्ली का बना मतदाता पहचान पत्र बरामद हुआ। 

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सीआईएसएफ अधिकारियों ने सच्चाई जानने के लिए श्रीनगर में सीआरपीएफ प्रशिक्षण केंद्र सहित शामली पुलिस से संपर्क किया तो उसका दावा गलत निकला। इसके बाद आईबी सहित तमाम जांच एजेंसिंयां पहुंच गई। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भी उससे छह घंटे तक लंबी पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि नदीम के माता-पिता जीवित हैं और शामली में रहते हैं। जबकि वह गत नौ महीने से अपने चाचा के साथ दिल्ली के खजूरी खास इलाके में रह रहा था। हालांकि इसके पहले उस पर कोई केस दर्ज नहीं है और न ही उसका कोई आपराधिक रिकार्ड है। 
 

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