संजीवनी टुडे

एक देश एक टैक्स एक ऑडिट समय की जरूरत- प्रकाश चंद्र

संजीवनी टुडे 12-01-2019 23:10:00


उदयपुर। दो से अधिक उद्योग मिल कर उद्यमिता, आविष्कार एवं औद्योगिक उत्पादन कर नवीन उत्पाद बनाएं, यह लघु उद्यमियों के लिए इस प्रतिस्पर्धा के युग में विजय मन्त्र है। यह बात लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र ने उदयपुर के प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय के प्लेसमेंट सेल में लघु उद्योग भारती के रजत जयंती वर्ष में उदयपुर इकाई तथा महिला उद्यमी इकाई द्वारा आयोजित जिला उद्यमी सम्मलेन में कही। 

उन्होंने कहा कि भारत व्यापार में विश्व गुरु था, सोने की चिड़िया कहते थे लोग भारत को, यह सब भारत के तब के लघु एवम् कुटीर उद्योगों की वजह से सम्भव हुआ था। उस समय प्रत्येक परिवार के उद्यमशील होने की वजह से भारत अग्रणी था। आज भी अगर प्रत्येक परिवार अपनी उद्यमशीलता का उपयोग करे तो भारत लघु एवम् कुटीर उद्योग के माध्यम फिर वैश्विक व्यापार में प्रमुख स्थान प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि भारत लोहा, धातु, कपड़ा, औषधि, मसाले, हस्तशिल्प, सुगंध इत्यादि का विश्व में श्रेष्ठ उत्पादक तथा जल - थल मार्ग से इकलौता सबसे बड़ा विपणन कर्ता था और इन सबके कोई बड़े बड़े कारखाने नहीं थे वरन छोटे छोटे गृह उद्योग थे, उन सबके सम्मिलित प्रयासों से भारत सोने की चिड़िया बना। आज लघु उद्योग भारत को पुनः सोने की चिड़िया बनाने की क्षमता रलहते हैं, आवश्यकता उन्हें अपना सामर्थ्य जगाने की है।

इससे पहले, लघु उद्योग भारती उदयपुर इकाई के उद्यमी सम्मलेन का शुभारम्भ राष्ट्रीय संघठन मंत्री प्रकाश अग्रवाल, अंकलेश्वर के उद्योगपति एवम् राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलदेव प्रजापति, कोटा के उद्योगपति एवम् प्रदेश अध्यक्ष ताराचन्द गोयल, चित्तौड़ प्रान्त अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार शर्मा, उदयपुर इकाई अध्यक्ष महेंद्र मांडावत, महिला इकाई अध्यक्ष रीना राठौड़ तथा सीटीएई महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. अजय शर्मा ने भारतमाता के चित्र को माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। 

प्रचार मंत्री मनोज जोशी ने बताया कि उद्घाटन सत्र में उदयपुर के वरिष्ठ उद्यमी चित्तौड़ प्रान्त उपाध्यक्ष राकेश वर्डिया ने लघु उद्योग भारती की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। लघु उद्योग भारती के प्रयासों से लघु उद्योग में होने वाली अकस्मात दुर्घटना पर मालिक के ऊपर लगने वाली अपराधिक धारा 304 की जगह 304-ए में बदलवाने में महत्ती भूमिका अदा की। 

लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य गोविन्दराम मित्तल ने लघु उद्यमियों के सम्मेलन में बताया कि भाजपानीत नरेंद्र मोदी सरकार ने एक देश एक टैक्स यानि जीएसटी लागू किया इससे व्यापारियों को बहुत लाभ हो रहा है। अब इससे भी आगे सोचने एवम् करने की आवश्यकता है और वह ‘एक देश, एक टैक्स, एक ऑडिट’ लागू करें। क्यों व्यापारियों को दो ऑडिट जीएसटी तथा इनकम टैक्स ऑडिट की आवश्यकता पड़े? एक क्यों नहीं हो। उन्होंने कहा कि नीतियो में सरलीकरण समय की मांग है। 

इससे पूर्व उदयपुर विभाग अध्यक्ष महेंद्र मांडावत ने सभी उद्यमियों का स्वागत करते हुए बताया कि उदयपुर इकाई के अब 100 से ज्यादा सदस्य हैं तथा सभी औद्योगिक क्षेत्रों में लघु उद्योग भारती की इकाई का गठन शीघ्र किया जाएगा। सम्मेलन में 25 महिला एवम् पुरुष उद्यमियों ने लघु उद्योग भारती की सदस्यता ग्रहण की। सीटीएई महाविद्यालय के डीन प्रो. अजय शर्मा ने बताया कि महाविद्यालय के छात्रों में उद्यमिता विकास के लिए जल्द ही उद्योग संवाद प्रकोष्ठ का निर्माण करने वाले हैं जहां छात्रों का संवाद सीधे उद्योगपतियों से कराया जाएगा। उद्योगों में उनका प्रशिक्षण कराना, संगोष्ठियां कराना इत्यादि इस प्रकोष्ठ का उद्देश्य रहेगा। उन्होंने कृषि क्षेत्र में औद्योगिक संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।

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लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलदेवभाई प्रजापति ने कहा कि भारत 18वीं सदी तक विश्व व्यापार का गुरु था तथा उसका वैश्विक व्यापार में योगदान लगभग 33 प्रतिशत था। प्रदेश अध्यक्ष ताराचन्द गोयल ने कहा कि आज के उद्यमी स्वयं भी राष्ट्र हित में कार्य कर समाज में अपनी उपयोगिता बढ़ाएं साथ ही अपनी भावी पीढ़ी को भी राष्ट्र तथा समाज से जोड़ें तथा राष्ट्रोत्थान में उद्यमशीलता बढ़ाएं। उदयपुर के महापौर चंद्रसिंह कोठारी ने भी उद्यमियों को संबोधित किया। प्रमुख उद्योगपति वीरेंद्र डांगी ने लघु उद्योग भारती पर एक डिजिटल प्रेजेन्टेशन दिया। महिला अध्यक्ष रीना राठौड़ ने बताया कि महिला हस्तशिल्पि तथा गृह उद्योग चलाने वाली महिलाओं के उत्पादनों की प्रदर्शनी की जानकारी प्रदान कर महिला उद्यमियों की उद्यमिता पर प्रकाश डाला। 

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