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जून में ही पूरा हुआ मानसून का 70 फीसदी कोटा, भोपाल में तीन गुना अधिक वर्षा

संजीवनी टुडे 01-07-2020 11:33:55

इस बार मानसून के आने का इंतजार लोगों को उतनी बेसर्बी से नहीं था, जैसा की हर बार होता है। कारण था पिछले साल मानसून के बाद भी जारी रही बारिश।


भोपाल। इस बार मानसून के आने का इंतजार लोगों को उतनी बेसर्बी से नहीं था, जैसा की हर बार होता है। कारण था पिछले साल मानसून के बाद भी जारी रही बारिश। प्रदेश में मार्च- अप्रैल तक बारिश का दौर जारी रहा। जिसके कारण जलाशय पानी से लबालब भरे हुए हैं। यही कारण है कि मानसून आने के बाद भले ही जून में लगातार बारिश नहीं हुई, लेकिन रुक-रुक कर पड़ रहीं तेज बौछारों ने प्रदेश को तर कर दिया है। अब तक प्रदेश में जून के कोटे से 70 फीसद अधिक बरसात हो चुकी है। 

राजधानी भोपाल की बात करे तो यहां सामान्य बरसात से तीन गुना अधिक बरसात हो चुकी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मानसून द्रोणिका वर्तमान में शिवपुरी से होकर गुजर रही है। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इन सिस्टम के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के आसार हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 1 से 30 जून तक प्रदेश में 205.6 मिमी. बरसात हुई है। जो सामान्य बारिश (120.9 मिमी.) के मुकाबले 70 फीसद अधिक है। इस दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा बरसात भोपाल में रिकॉर्ड हुई है। मौसम विभाग द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक भोपाल में मंगलवार सुबह तक 405.3 मिमी. बारिश हो चुकी है, जो सामान्य (130.8) के मुकाबले तीन गुना से भी अधिक है। प्रदेश में सबसे कम बरसात 34.6 मिमी. ग्वालियर में हुई है, जो सामान्य (66.3) से 48 फीसद कम है। जबलपुर में भी 108.7 मिमी. बारिश हुई, जो सामान्य (144.1) से 25 फीसद कम है। बालाघाट में सामान्य से 7 और भिंड में सामान्य से 6 प्रतिशत कम बरसात हुई है। शेष जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक बरसात हो चुकी है। मानसून आने के बाद मानसून द्रोणिका हिमालय के तराई क्षेत्र की तरफ पहुंच गई थी। इस वजह से लगातार बरसात की गतिविधियां कम हो गई थीं।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया कि इस दौरान अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने के कारण गरज-चमक के साथ बौछारें पडऩे का सिलसिला जारी रहा। इससे जून में प्रदेश तरबतर होता रहा। वर्तमान में मानसून द्रोणिका फिर सक्रिय होकर शिवपुरी से होकर गुजर रही है। साथ ही छत्तीसगढ़ पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। अरब सागर से भी लगातार नमी आ रही है। इससे बुधवार से मानसून की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। जुलाई के पहले सप्ताह में राजधानी सहित पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है।

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