संजीवनी टुडे

ममता बनर्जी के कुशासन के खिलाफ है बंगाल का जनादेश : सौमित्र खान

संजीवनी टुडे 26-05-2019 14:52:41


कोलकाता। बांकुड़ा जिले की विष्णुपुर संसदीय क्षेत्र से बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाले भाजपा के उम्मीदवार भाजपा सौमित्र खान ने रविवार को कहा है कि पश्चिम बंगाल में जो जनादेश आया है वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कुशासन के खिलाफ लोगों के गुस्से को दर्शाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार ने प्रशासन का इस्तेमाल कर उन्हें पूरे जिले में फर्जी मामले दर्ज कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन लोगों के आशीर्वाद और मोदी लहर ने उन्हें जीत दर्ज करने में मदद कर दी। 

जनवरी महीने में तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले तत्कालीन सांसद सौमित्र खान ने अपने तृणमूल प्रतिद्वंद्वी श्यामल सांतरा को 78,000 से अधिक मतों से हराया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों में सत्तारूढ़ पार्टी का पतन आम लोगों के "विरोध और उसके कुशासन के खिलाफ आक्रोश" का परिणाम था। खान के भाजपा में शामिल होने के बाद, उनके लिए सरकारी नौकरी हासिल करने के बहाने लोगों से पैसे लेने और अवैध बालू खनन में शामिल होने के कई मामले दर्ज किए गए। राज्य पुलिस ने अवैध हथियार रखने का मामला भी उनके खिलाफ दर्ज कर लिया था।

 इसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने जिले में प्रवेश नहीं करने की शर्त पर उन्हें जमानत दी और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस आदेश को बरकरार रखा। उन्हें केवल नामांकन दाखिल के लिए जिले में प्रवेश करने दिया गया उसके बाद से उनकी पत्नी सुजाता खान ने चुनाव प्रचार की जिम्मेवारी संभाली। संसदीय क्षेत्र के सात विधानसभा क्षेत्रों में से छह विधानसभा क्षेत्रों में सौमित्र खान जीत दर्ज करने में सफल रहे थे। 

तृणमूल कांग्रेस को "वंशवादी पार्टी" करार देते हुए, खान ने राज्य के लोगों पर तृणमूल द्वारा आतंक फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे और उत्तराधिकारी अभिषेक बनर्जी पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला किया। यह कहते हुए कि अभिषेक बनर्जी को पार्टी में सबसे अधिक महत्व देने की वजह से आंतरिक असंतोष पनपा है। 

उन्होंने यह भी दावा किया कि तृणमूल के कई विधायक, उनके अनुमान से 50 और 60 के बीच, पार्टी को छोड़कर 2019 के चुनाव परिणामों के बाद भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं। कल ही, पाँच-छह तृणमूल  विधायकों ने मुझसे कहा था कि वे पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं। कम से कम 50 से 60 विधायक राज्य के विभिन्न हिस्सों से मोदीजी की ब्रिगेड में शामिल होने के लिए तैयार हैं।" 

उन्होंने कहा, "वरिष्ठ नेताओं के अलावा, तृणमूल के हजारों कार्यकर्ता भी हमारे साथ आएंगे।" खान की पत्नी सुजाता, जिन्होंने अपने पति के लिए करीब डेढ़ महीने तक रोजाना 18-20 घंटे प्रचार किया, कहा कि जनता का समर्थन काफी था।

 उन्होंने कहा, "मेरे पास कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है। इसलिए जब मैंने पहली बार चुनाव प्रचार शुरू किया, तो मैं यह सोचकर चिंतित थी कि क्या मैं बिष्णुपुर के 15-20 लाख मतदाताओं का दिल जीतने में सक्षम हो पाऊंगी। लेकिन जिस तरह की प्रतिक्रिया मुझे महिलाओं और युवा पीढ़ी से मिली। पहले दिन से ही मुझे विश्वास था कि हम सीट जीतेंगे।" 

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