संजीवनी टुडे

जब बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने लगे पंडो जनजाति के 32 परिवार

संजीवनी टुडे 14-06-2019 20:09:02

पानी की संकट से जूझ रहे संरक्षित जनजाति पंडो ने सामूहिक श्रमदान करके गांव में कुआं खोद लिया है। दो दिन तक पसीना बहाने के बाद पंडो परिवार को कुआं से पीने के लिए पानी मिल गया है।


कोरबा। पानी की संकट से जूझ रहे संरक्षित जनजाति पंडो ने सामूहिक श्रमदान करके गांव में कुआं खोद लिया है। दो दिन तक पसीना बहाने के बाद पंडो परिवार को कुआं से पीने के लिए पानी मिल गया है। इससे पंडो परिवार उत्साहित है। विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बिंझरा कुरुनरवा में संरक्षित जनजाति पंडो के 32 परिवार रहते हैं। उन्हें पीने के लिए पानी उपलब्ध कराने प्रशासन की ओर से चार हैंड पंप खोदे गए थे। सभी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक पाए जाने पर प्रशासन ने पंप को सील कर दिया। इसके बाद एक और हैंडपंप खोदा गया। गर्मी में गिरते जलस्तर से हैंडपंप सूख गया। ग्रामीणों को पीने के लिए पानी की समस्या खड़ी हो गई .गांव से थोड़ी दूर पैदल चलकर ग्रामीण सड़क पर स्थित एक ढाबा से पानी ले जाते थे। गर्मी में ढाबा मालिक ने भी पानी देने से मना कर दिया। 

ग्रामीणों के पास कोई विकल्प नहीं था। गांव में गहराती पेयजल की समस्या पर चर्चा के लिए इसी हफ्ते गांव की पंचायत बैठी। इसमें कुआं खोदने पर सहमति बनी। लेकिन जमीन की समस्या बाधा बनकर खड़ी हो गई। तब गांव में रहने वाले एक बुर्जुग कुआं खोदने के लिए अपनी जमीन दान देने की घोषणा की।11 जून की सुबह लगभग पांच बजे कुआं खोदने का काम चालू हुआ। तीन दिन में ग्रामीणों ने लगभग 16 फीट चौड़ा और 13 फीट गहरा कुआं खोदा है। ग्रामीण व क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता मुरली दास संत ने बताया कि कुआं से पानी निकलना चालू हो गया है। कुआं को और गहरा किया जा रहा है। ताकि पानी की समस्या का सामाधान किया जा सके।

मात्र 260000/- में टोंक रोड जयपुर में प्लॉट 9314166166 

More From state

Trending Now
Recommended