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डीटीसी के 100 चालक कैट्स एम्बुलेंस के हवाले, बसों को चलाए कौन

संजीवनी टुडे 30-05-2020 16:22:45

दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) द्वारा 100 बस चालकों को राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत संचालित कैट्स एंबुलेस सेवा में अस्थायी रूप से तैनात करने का आदेश दिया है।


नई दिल्ली। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) द्वारा 100 बस चालकों को राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत संचालित कैट्स एंबुलेस सेवा में अस्थायी रूप से तैनात करने का आदेश दिया है। इसके बावजूद ये 100 बसें डिपो में ही खड़ी हैं। इस कारण यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

डीटीसी के एक विश्वस्त सूत्र का कहना है कि राज्य सरकार अभी और चालकों को कैट एम्बुलेंस सेवा के लिए भेजेगी। यह संख्या डेढ़ से दो सौ तक हो सकती है। दिल्ली परिवहन मजदूर संघ (डीपीएमएस) के महामंत्री कैलाश चंद मलिक ने शुक्रवार को हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में कहा कि लॉकडाउन में ढील के बाद दिल्ली की सड़कों पर डीटीसी की ज्यादा से ज्यादा बसों की जरूरत है। चालकों को फिर से स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित कैट्स एम्बुलेंस सेवा में तैनात किया जा रहा है। इस कारण डीटीसी के पास चालकों की कमी हो रही है। परिणामस्वरूप सड़कों पर बसों की संख्या कम होने से हर बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। इसके कारण बस स्टैंड पर कोरोना के मद्देनजर दो गज की दूरी का पालन कठिन हो गया है।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दूसरे और तीसरे चरण में डीटीसी बसों को सिर्फ आवश्यक परिवहन के लिए ही तैनात किया गया था। उस दौरान कैट एम्बुलेंस के चालकों के कोरोना संक्रमित होने के बाद राज्य सरकार ने डीटीसी के करीब 350 बस चालकों को कैट एम्बुलेंस की ड्यूटी पर तैनात किया था। वे सभी चालक अब वापस आ गए हैं। सरकार ने गुरुवार को 100 और चालकों को कैट एम्बुलेंस सेवा के लिए तैनात किया है। इसके कारण 100 बसें डिपो में ही खड़ी हैं। आज जब डीटीसी बसों की जरूरत ज्यादा से ज्यादा है, वहीं दूसरी ओर डीटीसी प्रबंधन अपने चालकों को कैट्स एम्बुलेंस चलाने के लिए भेज रहा है। 

डीपीएमएस महामंत्री मलिक ने कहा कि जिस समय 350 चालकों को भेजा गया था, उस दौरान डीटीसी की गाड़ियां रूट पर नहीं भेजी जा रही थीं, लेकिन लॉकडाउन में ढील के बाद अब डीटीसी की ज्यादा से ज्यादा बसों की जरूरत सड़कों पर है। उन्होंने कहा कि चालक की कमी से एक बस के डिपो से नहीं निकलने पर परिचालक और मार्शल दिनभर बेकार बैठे रहते हैं। उन्होंने डीटीसी प्रबंधन से मांग की है कि कैट्स में भेजे गए चालकों को वापस बुलाकर डीटीसी की बसों पर भेजा जाए, जिसकी आज जरूरत भी है। 

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