संजीवनी टुडे

खेल जगत में छाया सन्नाटा, इस भारतीय गेंदबाज का हुआ निधन

संजीवनी टुडे 18-01-2020 22:09:27

राजकोट में दूसरे वनडे में, भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से हराकर श्रृंखला 1-1 से बराबरी पर ला दी। अंतिम मुकाबले से पहले भारतीय टीम और उसके प्रशंसकों के लिए बुरी खबर आई है।बापू नाडकर्णी का शुक्रवार को निधन हो गया, वह 86 साल के थे।


नई दिल्ली। राजकोट में दूसरे वनडे में, भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से हराकर श्रृंखला 1-1 से बराबरी पर ला दी। अंतिम मुकाबले से पहले भारतीय टीम और उसके प्रशंसकों के लिए बुरी खबर आई है। बता दे, बापू नादकर्णी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा नाम है, जो अद्भुत रिकॉर्ड रखते हैं, जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्हें सबसे कंजूस गेंदबाज के तौर पर हमेशा याद किया जाएगा। वह टेस्ट में लगातार 131 गेंदों में एक भी रन नहीं देने का कीर्तिमान रखते है।

यह भी पढ़े: BCCI कॉन्‍ट्रैक्‍ट से बाहर MS धौनी, गांगुली ने तोड़ी चुप्पी

दरअसल, बापू नादकर्णी ने 56 साल पहले 12 जनवरी को यह कारनामा किया था। बापू नाडकर्णी का शुक्रवार को निधन हो गया, वह 86 साल के थे। बापू नादकर्णी के परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। नाडकर्णी के दामाद विजय खरे ने कहा, ‘उनका उम्र संबंधी परेशानियों के कारण निधन हुआ।’ बापू नाडकर्णी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा नाम है, उनके पास एक अद्भुत रिकॉर्ड है। उन्हें हमेशा सबसे कंजूस गेंदबाज के रूप में याद किया जाएगा। बापू ने 41 टेस्ट खेले हैं, 9165 गेंदों में 2559 रन बनाए हैं और 88 विकेट लिए हैं।

86yearold Indian allrounder Bapu Nadkarni died was famous for skirmish bowling

बापू ने 1964 में अंग्रेजों को मद्रास के नेहरू स्टेडियम में अपने बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाजी के लिए राजी किया। यहां खेले गए टेस्ट मैच के दौरान, उन्होंने एक के बाद एक 131 गेंदें फेंकी, जिनमें से कोई भी रन नहीं बना। उन्होंने 27 मैच खेले और 32 ओवर में 5 रन दिए, जिसमें 21 रन उस पारी में शामिल थे। उनकी मृत्यु के बाद, सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली जैसे बड़े नामों ने भी अपने शौक व्यक्त किए। 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

More From sports

Trending Now
Recommended