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हितों के टकराव मामले में सचिन तेंडुलकर और वीवीएस लक्ष्मण को देनी पड़ेगी गवाही, जानिए पूरा मामला

संजीवनी टुडे 07-05-2019 11:27:34


डेस्क। निजी तौर सुनवाई के लिए सचिन तेंडुलकर और वीवीएस लक्ष्मण को हितों के टकराव के कथित मामले में बीसीसीआई के लोकपाल सह नैतिक अधिकारी न्यायमूर्ति डीके जैन के समक्ष 14 मई को पेश होना है। इस मामले में शिकायतकर्ता मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के संजीव गुप्ता और बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी को भी न्यायमूर्ति जैन ने गवाही के लिए बुलाया है। 

हितों के टकराव मामले में सचिन तेंडुलकर और वीवीएस लक्ष्मण को देनी पड़ेगी गवाही, जानिए पूरा मामला

इस मामले में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) लोकपाल ने दिग्गज पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और वी वी एस लक्ष्मण को नोटिस जारी किया था। बीसीसीआई के लोकपाल और नैतिक अधिकारी डी के जैन ने तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण को आईपीएल फ्रेंचाइजी के मेंटोर के साथ क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के सदस्य होने के कारण कथित हितों के टकराव के लिए नोटिस जारी किया। 

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दरअसल तेंडुलकर और वीवीएस लक्ष्मण को मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के सदस्य संजीव गुप्ता द्वारा दायर की गई शिकायत पर नोटिस भेजा गया था। इस शिकायत के अनुसार लक्ष्मण और तेंडुलकर ने आईपीएल फ्रैंचाइजी टीमों क्रमश: सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के ‘सहायक सदस्य’ और बीसीसीआई के क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के सदस्य के रूप में दोहरी भूमिका निभाई जिसे कथित हितों के टकराव का मामला बताया गया था।   मात्र 240000/- में टोंक रोड जयपुर में प्लॉट 9314166166

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गुप्ता ने तेंडुलकर और लक्ष्मण पर हितों के टकराव का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन इन दोनों ही क्रिकेटरों ने किसी भी तरह के हितों के टकराव से इनकार किया है। इस मामले में बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई से कहा था ‘‘क्योंकि गांगुली को नोटिस जारी किया गया था, लोकपाल ने शायद दोनों तेंदुलकर और लक्ष्मण को भी नोटिस जारी किया है। लेकिन मैं पुष्टि कर सकता हूं कि तेंदुलकर मुंबई इंडियंस से एक भी पैसा नहीं लेते। वह सिर्फ स्वैच्छिक सेवा कर रहे हैं। बीसीसीआई में भी उन्हें सीएसी में अपनी सेवायें देने के लिये एक भी पैसा नहीं दिया गया। ’’

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इसके बाद तेंडुलकर ने अपने जवाब में लिखा था, ‘सबसे पहले, नोटिस प्राप्तकर्ता (तेंडुलकर) सभी शिकायतों को खारिज करता है (बयानों को छोड़कर जो विशेष रूप से यहां स्वीकार किए जाते हैं)।’ उन्होंने कहा, ‘नोटिस प्राप्तकर्ता (तेंडुलकर) ने संन्यास के बाद से मुंबई इंडियन्स आईपीएल फ्रैंचाइजी से टीम ‘आईकॉन’ की क्षमता में कोई भी विशेष आर्थिक लाभ/फायदा नहीं लिया है और वह किसी भी भूमिका में फ्रैंचाइजी के लिए कार्यरत नहीं है। इसलिए बीसीसीआई के नियमों के तहत या अन्यथा, यहां हितों का कोई टकराव नहीं हुआ है।’ 

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