संजीवनी टुडे

गुलाबी गेंद को लेकर भारतीय बल्लेबाज बोले- शाम के समय स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण, बताई ये वजह

संजीवनी टुडे 18-11-2019 22:01:00

भारत ने इंदौर में पहला टेस्ट मैच पारी और 130 रनों से जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है और सबकी नजरें दूसरे टेस्ट मैच पर लगी हुई है। भारत और बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच 22 नवंबर से कोलकाता के ईडन गार्डंस में डे-नाइट देखने को मिलेगा। जिसमें भारत ने अब तक डे-नाइट टेस्ट नहीं खेला है, भारतीय टीम जमकर गुलाबी गेंद से प्रैक्टिस कर रही है।


नई दिल्ली। भारत ने इंदौर में पहला टेस्ट मैच पारी और 130 रनों से जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है और सबकी नजरें दूसरे टेस्ट मैच पर लगी हुई है। भारत और बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच 22 नवंबर से कोलकाता के ईडन गार्डंस में डे-नाइट देखने को मिलेगा। जिसमें भारत ने अब तक डे-नाइट टेस्ट नहीं खेला है, भारतीय टीम जमकर गुलाबी गेंद से प्रैक्टिस कर रही है।

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टीम इंडिया के अधिकतर क्रिकेटर अपने करियर में पहली बार गुलाबी गेंद से खेलेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि गुलाबी गेंद से खेलने वाले बल्लेबाजों के मुताबिक शाम के समय स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण होती है। चेतेश्वर पुजारा सहित दलीप ट्रॉफी में गुलाबी गेंद से खेलने वाले कई खिलाड़ियों ने कहा है कि शाम के समय गुलाबी गेंद को देखना मुश्किल होता है, क्योंकि आकाश के लाल रंग के कारण गेंद नारंगी रंग की तरह दिखने लगती है।

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टीम इंडिया के चेतेश्वर पुजारा, ऋद्धिमान साहा, मोहम्मद शमी, मयंक अग्रवाल, हनुमा विहारी और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में गुलाबी गेंद से खेलने का अनुभव है। गुलाबी गेंद से खेलने को लेकर पुजारा ने कहा था कि दिन के समय रोशनी की दिक्कत नहीं होगी, लेकिन सूर्यास्त के समय और दूधिया रोशनी में यह मसला हो सकता है. सूर्यास्त के समय का सत्र बेहद अहम होगा।

पुजारा ने कहा था, ‘मेरा बल्लेबाज के तौर पर निजी अनुभव तो अच्छा रहा था, लेकिन मैंने जब वहां पर अन्य खिलाड़ियों से बात की तो उनका कहना था कि लेग स्पिनर को खेलना विशेषकर उनकी गुगली को समझना मुश्किल था,’ दोनों टीमें 19 नवंबर को कोलकाता रवाना होंगी। उल्लेखनीय है कि यह भारतीय टीम का पहला डे-नाइट टेस्ट होगा, अधिकतर भारतीय खिलाड़ी को पिंक बॉल, जो डे-नाइट टेस्ट में उपयोग होती है, से खेलने का अनुभव नहीं है।

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देश में पहले डे-नाइट टेस्ट के आयोजन में अहम भूमिका निभाने वाले गांगुली ने रविवार को कहा कि खेल के पारंपरिक प्रारूप में दिलचस्पी बढ़ाने के लिए ‘कायाकल्प की आवश्यकता है। 'उन्होंने कहा कि डे-नाइट टेस्ट अधिक चुनौतीपूर्ण है, मैं इस बात को लेकर संतुष्ट हूं कि पहले तीन दिन के 65,000 टिकट बिक गये हैं।' गांगुली ने कहा, "यह दुनियाभर में हो रहा है, कहीं से इसे शुरू करना ही था। भारत क्रिकेट के मामले में सबसे बड़ा देश है, मुझे लगता है कि यह बदलाव जरूरी है।

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