संजीवनी टुडे

इंडिया ओपन अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी टूर्नामेंट के दूसरे संस्करण में भारत ने जीते 57 पदक

संजीवनी टुडे 25-05-2019 19:23:43


गुवाहाटी। भारत ने इंडिया ओपन अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी टूर्नामेंट के दूसरे संस्करण में कुल 57 पदकों के साथ अपने अभियान का समापन किया। इन 57 पदकों में 12 स्वर्ण, 18 रजत और 27 कांस्य पदक शामिल हैं। प्रतियोगिता के आखिरी दिन छह बार की विश्व विजेता मैरी कॉम (51 किलोग्राम भारवर्ग), अमित पंघल (52 किलोग्राम भारवर्ग) और शिवा थापा (60 किलोग्राम भारवर्ग) ने अपने-अपने भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता। 
 
मैरी कॉम ने फाइनल में वेनिला दुआती को 5-0 से मात दी। यह मैरी का इंडिया ओपन का दूसरा स्वर्ण है। इससे पहले वो 48 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण जीत चुकी हैं। पंघल ने फाइनल में अपने ही देश के सचिन सिवाच को मात दी। सचिन का कद अमित से ज्यादा था बावजूद इसके अमित मुकाबला जीतने में कामयाब रहे। पहले राउंड में वह डिफेंसिव खेले, लेकिन दूसरे राउंड का अंत होने तक वह आक्रामक हो गए थे। यहां से अमित ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और सचिन को मात दी। पंघल का इस साल यह तीसरा स्वर्ण पदक है। 
 
उन्होंने इससे पहले स्ट्रांजा कप और एशियाई चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, एशियाई चैम्पियनशिप की कांस्य पदक विजेता सरिता देवी ने 60 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण अपने नाम किया। 57 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले में नीरज ने मनीषा मौन को मात दे सोने का तमगा हासिल किया। सरिता देवी ने फाइनल में सिमरनजीत कौर को 3-2 से मात देते हुए स्वर्ण हासिल किया। यह सरिता का बीते तीन साल में पहला स्वर्ण है। इससे पहले वह दक्षिण एशियाई खेलों-2016 में स्वर्ण जीती थीं। उन्होंने यह पदक अपनी मां को समर्पित किया है जिन्होंने कैंसर के कारण अपनी जान गंवा दी थी। विश्व चैम्पियनशिप की रजत पदक विजेता सोनिया को मात देने के बाद नीरज ने अपना दबदबा फाइनल में भी बरकरार रखा और मनीषा को 5-0 से पटखनी दी। 
 
एशियाई चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता आशीष कुमार ने 69 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में बेहतरीन क्लास का परिचय देते हुए दुर्योधन सिंह नेगी को 5-0 मात दी। स्थानीय खिलाड़ी जमुना बोरो ने वाई. संध्यारानी को 5-0 से हराया। विश्व चैम्पियनशिप की कांस्य पदक विजेता लवलिना बोरगोहेन को हालांकि 69 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें इटली की असुंता केनफोरा ने 3-2 से हराया। एशियाई चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता दीपक ने 49 किलोग्राम भारवर्ग में गोविंद कुमार साहानी को 5-0 से पटका। 
 
बेहतरीन फॉर्म में चल रहे कविंदर सिंह बिष्ट को भी आखिरीकार हार मिली। उन्हें चाटचाई डेचा बुटदी ने हराया। बिष्ट का इस साल यह दूसरा रजत पदक है। उन्हें पिछले महीने ही एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में हार कर रजत से संतोष करना पड़ा था। 64 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में रिंग में उतरे रोहित टोकस को पहले ही दौर में घुटने में चोट लगी और वह मुकाबला पूरा नहीं कर पाए। 

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इसी कारण उनके विपक्षी मॉरिशस के कोलिन लुइस रिचार्नो को स्वर्ण पदक मिला। आशीष कुमार से 75 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण की उम्मीद थी लेकिन सेमीफाइनल में सिर पर लगी चोट के कारण वह रिंग में नहीं उतरे और उनके विपक्षी फिलिपिंस के फेलिक्स डेलोस सांतोस को स्वर्ण मिला। फाइनल के मौके पर असम के मुख्यमंत्री सरबानंद सोनोवाल और भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह मौजूद थे।

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