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बड़ा सवाल, VIVO को हटाने के बाद कौन बनेगा IPL 2020 का टाइटल स्पॉन्सर? जानिए कौन सी कंपनी है सबसे आगे

संजीवनी टुडे 08-08-2020 10:34:37

बोर्ड अब 19 सिंतबर से शुरू हो रही लीग के लिए स्पॉन्सर की तलाश में है।


नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने चीन की कंपनी Vivo को एक और तगड़ा झटका दिया है। भारत और चीन के बीच चल रहे मौजूदा विवाद का खामियाजा चाइनीज स्मार्टफोन मेकर कंपनी वीवो को भुगतना पड़ रहा है। एंटी चाइना माहौल को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई और चीनी कंपनी ने साल 2020 के लिए अपना करार सस्पेंड कर दिया है। इसके बाद अब बड़ा सवाल है कि Vivo के साथ करार ख़त्म होने के बाद IPL 2020 का टाइटल कौन बनेगा?

बोर्ड अब 19 सिंतबर से शुरू हो रही लीग के लिए स्पॉन्सर की तलाश में है। हालांकि अभी इसके लिए टेंडर जारी नहीं हुआ है, लेकिन कहा जा रहा है कि आईपीएल का प्रायोजक बनने के लिए बायजू, अमेजॉन, रिलायंस जियो और कोका कोला इंडिया जैसी दिग्गज कंपनियां रेस में हैं। मगर इस सीजन में बोर्ड को इतनी बड़ी रकम का भुगतान करने वाला स्पॉन्सर मिलना मुश्किल है। 

BCCI terminates contract another major blow to Chinese company Vivo now Vivo will not be title sponsor of IPL this year

बायजू टीम इंडिया की पहले से स्पॉन्सर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बायजू के अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने डील के लिए 300 करोड़ रुपये रखे हैं। वहीं, कोका कोला इंडिया भी क्रिकेट में निवेश करने के लिए तैयार है। लेकिन इस रेस में अमेजॉन को सबसे आगे माना जा रहा है। ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी ने अभी तक किसी खेल में टाइटल या ग्राउंड स्पॉन्सर का रोल नहीं निभाया है। हालांकि, आईपीएल के दौरान दशहरा-दिवाली सीजन भी। इसलिए इस मौके का लाभ उठाने के लिए यह कंपनी भी दांव खेल सकती है।

वीवो ने 2018 से 2022 तक पांच साल के लिए 2190 करोड़ रुपये (प्रत्येक वर्ष करीब 440 करोड़ रुपये) में आईपीएल प्रायोजन अधिकार हासिल किए थे। दोनों पक्ष एक योजना पर काम कर रहे हैं जिसमें वीवो फिर से तीन साल के लिए संशोधित शर्तों पर 2021 से वापसी कर सकता है। वहीं, MyCircle11, जो एक अन्य स्पोर्ट्स फैंटसी प्लैटफॉर्म है, भी इसी तरह की दिलचस्पी दिखा रहा है। Dream 11 दूसरी ओर आईपीएल का आधिकारिक पार्टनर है, जो हर सीजन 40 करोड़ रुपये का भुगतान करता है, उसे भी एक बड़ा दावेदार माना जा रहा है। 

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हालांकि, अगर ड्रीम 11 टाइटल स्पॉन्सर बनना चाहता है तो संभव है कि बीसीसीआई उसे टाइटल बोली से 40 करोड़ रुपये अधिक देने के लिए कह सकता है। अगर ड्रीम 11 टाइटल स्पॉन्सर बनता है तो अनअकैडमी ऑफिशियल पार्टनर बन सकता है।

बता दें कि भारत और चीन के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। इस बीच भारतीय लोगों ने चीन के हर प्रकार के सामानों का बहिष्कार शुरू कर दिया है। ऐसे में बीसीसीआइ ने जब आइपीएल के 13वें सीजन का ऐलान किया था और बताया था कि वीवो ही इस साल आइपीएल की मुख्य प्रायोजक होगी तो क्रिकेट फैंस नाराज हो गए थे, क्योंकि इससे पहले बोर्ड के सचिव जय शाह ने कहा था कि वे चीनी कंपनियों के साथ हुए करार पर विचार करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ था। 

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ऐसे में भारतीय फैंस ने आईपीएल के टाइटल स्पॉन्सर (वीवो) के ऐलान होने के दूसरे ही दिन सोशल मीडिया पर बायकॉट आईपीएल  के नाम से ट्रेंड शुरू कर दिया था, जिससे बीसीसीआई को झुकना पड़ा और कम से कम इस साल के लिए वीवो के साथ अपनी डील को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि, बीसीसीआई ने स्पष्ट तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की है कि क्यों वीवो और बीसीसीआई ने इस डील को एक साल के लिए स्थगित किया है।  

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