संजीवनी टुडे

बांग्लादेशी क्रिकेटर्स सड़क पर उतरे, कहा- जब तक BCB हमारी मांगे पूरी नहीं करेंगा तब तक.....

संजीवनी टुडे 23-10-2019 02:10:00

बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने सैलरी बढ़ाने की मांग करते हुए हड़ताल पर चले गए हैं, उन्होंने कहा है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब वह किसी भी तरह की क्रिकेट गतिविधि में हिस्सा नहीं लेंगे।


नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच खेली जाने वाली सीरीज खटाई में पड़ती दिख रही है। बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने सैलरी बढ़ाने की मांग करते हुए हड़ताल पर चले गए हैं, उन्होंने कहा है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब वह किसी भी तरह की क्रिकेट गतिविधि में हिस्सा नहीं लेंगे। इससे बांग्लादेश के भारत दौरे पर सवाल खड़ा हो गया है।

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दरअसल, टीम के सभी खिलाड़ी हड़ताल पर चले गए हैं और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से सैलरी बढ़ाने की मांग रखी है। सुचना के मुताबिक, शाकिब अल हसन, तमीम इकबाल और मुश्फीकुर रहीम सोमवार सुबह 11 बजे बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड मुख्यालय पर पहुंचे जहां उन्होंने 11 सूत्री अपनी मांगें बोर्ड के सामने रखीं और हड़ताल का ऐलान किया। जिससे बांग्लादेश क्रिकेट टीम का भारत दौरा मुश्किल में घिरता नजर आ रहा है।

Bangladeshi cricketers on strike asked for BCCI

क्या है खिलाड़ियों मांगें
1- बांग्लादेश के क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के कामकाज से असंतुष्ट हैं. उन्हें लगता है कि इसने उनके लाभ के लिए कुछ नहीं किया है. इसलिए वे चाहते हैं कि क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव पद छोड़ दें और उनकी जगह नए अध्यक्ष और सचिव को खिलाड़ियों द्वारा मतदान के माध्यम से चुना जाए.

2- खिलाड़ियों को अपनी टीमों को चुनने और ढाका प्रीमियर लीग टीमों के साथ वेतन को लेकर बातचीत करने की अनुमति दी जानी चाहिए.

3- बांग्लादेश प्रीमियर लीग की टीमें अब क्रिकेट बोर्ड द्वारा ही संचालित की जाती हैं. खिलाड़ियों की यह मांग है कि इसे पहले की तरह फ्रेंचाइज़ी-आधारित मॉडल पर आधारित कर देना चाहिए. साथ ही स्थानीय खिलाड़ियों को अपना आधार मूल्य निर्धारित करने की अनुमति दी जानी चाहिए.

4- खिलाड़ियो की मांग है कि प्रथम श्रेणी के क्रिकेट में पारिश्रमिक एक लाख टका प्रति मैच (लगभग 83,700 रुपये) तक बढ़ाया जाए, जो वर्तमान स्तर से लगभग तीन गुना वृद्धि होगी. साथ ही खिलाड़ियों के भत्ते और अन्य सुविधाओं में भी सुधार की मांग की गई है.

5-  ग्राउंड्समैन, लोकल कोच, अंपायर, फिजियो और ट्रेनर की सैलरी बढ़ाई जानी चाहिए.

6- घरेलू सीजन के लिए एक उचित कैलेंडर को पहले से अंतिम रूप दिया जाना चाहिए.

7- ढाका प्रीमियर लीग में खिलाड़ियों को लंबित भुगतान को जल्द मंजूरी देनी चाहिए.

इन मुद्दों समेत कई अन्य मुद्दे जैसे घरेलू क्रिकेट को और अधिक प्रतिस्प्रधा बनाना, आर्थिक ढ़ांचे का सुधार करना आदि खिलाड़ियों की मांगों में शामिल है। इस मामले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने फिलहाल तो कुछ भी कदम उठाने से इनकार किया है। बीसीसीआई का कहना है कि यह बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का अंदरूनी मामला है। जबकि कि हमें उनकी तरफ से कोई जानकारी नहीं दी जाती है हमारी तरफ से इस मामले पर कोई भी कमेंट करना नहीं बनता।

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