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29 साल पहले आज ही के दिन नन्हें सचिन ने अंग्रेजों के खिलाफ बोला था दावा, ऐसे बचाई थी भारत की इज्जत

संजीवनी टुडे 14-08-2019 21:23:00

आज से ठीक 29 साल पहले युवा सचिन ने ऐसी दमदार पारी खेलकर भारत को इंग्लैंड के हाथों हारने से बचा लिया था।


नई दिल्ली। भारत के दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर क्रिकेट जगत में भगवान के नाम से मशहूर है। इस दिग्गज खिलाडी के नाम ऐसे कई रिकॉर्ड हैं, जहां तक अब क्रिकेटर्स का पहुंचना मुश्किल ही लगता है। 

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सचिन ने 200 टेस्ट और 463 वनडे खेलने का रिकॉर्ड, क्रिकेट में कुल 100 शतक लगाने का महा रिकॉर्ड बना रखे है, जिसे तोडना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं है। 

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किसी भी खिलाडी के लिए इस जज्बे के साथ लंबे समय तक खेलना काफी मुश्किल होता है। उनके इसी जज्बे ने उन्हें दुनिया का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी बनाया। सचिन जब बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरते थे तो दुनिया के धाकड़ गेंदबाज भी खौफ खाते थे, क्योंकि उन्हें पता होता था कि अब उनकी धुनाई होने वाली है। 

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इंग्लिश टीम के गेंदबाज आज भी 17 साल के उस सचिन को नहीं भूल पाए होंगे, जिसने उनके घर में ही गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए अपने मेडन शतक जड़ दिया था। साथ ही वह उस समय टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाने वाले तीसरे युवा बल्लेबाज बने ‌थे। आज से ठीक 29 साल पहले युवा सचिन ने ऐसी दमदार पारी खेलकर भारत को इंग्लैंड के हाथों हारने से बचा लिया था। 

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पहला टेस्‍ट मैच हारने के बाद मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड खेले गए तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे मैच में भी भारत हार के करीब पहुंच गई थी। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की पहली पारी में तीन शतक लगे, जिसके दम पर मेजबान ने पहली पारी में ही 510 रन बना दिए। इसके जवाब में टीम इंडिया 432 रन ही बना सकी। इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी चार विकेट पर 320 रन पर घोषित करके भारत को जीत के लिए 399 रनों का लक्ष्य दे दिया। टीम के सामने पूरे दिन बल्लेबाजी कर हार को टालना था, लेकिन शुरुआती 35 रन पर ही भारत ने अपने चार  विकेट गंवा दिए।  इसके बाद संजय मांजरेकर और दिलीप वेंगसरकर ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन जल्दी आउट हो गए। 

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बिखरती हुई पारी के बाद नंबर छह पर 17 साल के सचिन को भेजा गया और फिर यहां से शुरू हुआ एक महान बल्लेबाज बनने का सफर। सचिन ने अनुभवी गेंदबाजों की जमकर धुनाई और 17 चौके लगाकर नाबाद 119 रन की पारी खेली। जिससे भारत मैच ड्रॉ करवाने में सफल रहा। नवंबर 1989 में टेस्ट क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले सचिन का यह करियर का पहला शतक था। इसके बाद तो उन्होंने 100 शतक लगाने का रिकॉर्ड बना दिया। 

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