संजीवनी टुडे

आज है विश्‍वकर्मा पूजा: जानिए कैसे मनाई जाती हैं और क्या हैं इसका शुभ मुहूर्त

संजीवनी टुडे 17-09-2019 11:02:15

विश्व के आदि शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा पूजा का त्योहार आज (17 सितंबर 2019) मंगलवार को मनाया जायेगा। इस दिन भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। विश्‍वकर्मा को देवशिल्‍पी यानी कि देवताओं के वास्‍तुकार के रूप में पूजा जाता है। मान्‍यता है कि उन्‍होंने देवताओं के लिए महलों हथियारों और भवनों का निर्माण किया था।


डेस्क। आज विश्‍वकर्मा जयंती हैं। विश्व के आदि शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा पूजा का त्योहार आज  (17 सितंबर 2019) मंगलवार को मनाया जायेगा।  इस दिन भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था।  विश्‍वकर्मा को देवशिल्‍पी यानी कि देवताओं के वास्‍तुकार के रूप में पूजा जाता है। मान्‍यता है कि उन्‍होंने देवताओं के लिए महलों, हथियारों और भवनों का निर्माण किया था। विश्‍वकर्मा पूजा के मौके पर ज्‍यादातर दफ्तरों में छुट्टी होती है और कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दौरान औजारों, मशीनों और दुकानों की पूजा करने का विधान है। 

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Vishwakarma

विश्‍वकर्मा पूजा कब है 
मान्‍यता है कि भगवान विश्‍वकर्मा का जन्‍म भादो माह में हुआ था। हर साल 17 सितंबर को उनके जन्‍मदिवस को विश्‍वकर्मा जयंती के रूप में मनाया जाता है।

विश्वकर्मा पूजा शुभ मुहूर्त 2019

इस वर्ष कन्या संक्रांति के दिन विश्वकर्मा पूजा का आयोजन हो रहा है। यह एक शुभ स्थिति है। संक्रांति का पुण्य काल सुबह 7 बजकर 2 मिनट से है। इस समय पूजा आरंभकी जा सकती है।


सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल है और शाम 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। इन समयों को छोड़कर कभी भी पूजा आरंभ कर सकते हैं।

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विश्कर्मा पूजा विधि :
स्नानादि करने के बाद अच्छे कपड़े पहनकर भगवान विश्कर्मा की मूर्ति या तस्वीर सामने बैठ जाएं। भगवान विश्वकर्मा की पूजा आरती करने के बाद पूजा सामग्री जैसे- अक्षत, हल्दी, फूल, पान, लौंग, सुपारी, मिठाई, फल, धूप दीप और रक्षासूत्र आदि से विधिवत पूजा करें।

भगवान विश्वकर्मा की पूजा के बाद सभी हथियारों को हल्दी चावल लगाएं। 
इसके बाद कलश को हल्दी चावल व रक्षासूत्र चढ़ाएं। इसके बाद पूजा मंत्रों का उच्चारण करें। पूजा संपन्न होने के बाद कार्यालय के सभी कर्मचारियों या पड़ोस के लोगों को प्रसाद वितरण करें।

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कैसे मनाई जाती है विश्‍वकर्मा जयंती?

 हर साल  विश्वकर्मा जयंती पर सभी मशीनों और उपकरणों की पूजा की जाती है। विश्‍वकर्मा दिवस घरों के अलावा दफ्तरों और कारखानों में विशेष रूप से मनाया जाता है। जो लोग इंजीनियरिंग, आर्किटेक्‍चर, चित्रकारी, वेल्डिंग और मशीनों के काम से जुड़े हुए वे खास तौर से इस दिन को बड़े उत्‍साह के साथ मनाते हैं. इस दिन मशीनों, दफ्तरों और कारखानों की सफाई की जाती है। साथ ही विश्‍वकर्मा की मूर्तियों को सजाया जाता है। घरों में लोग अपनी गाड़‍ियों, कंम्‍प्‍यूटर, लैपटॉप व अन्‍य मशीनों की पूजा करते हैं। मंदिर में विश्‍वकर्मा भगवान की मूर्ति या फोटो की विधिवत पूजा करने के बाद आरती की जाती है। अंत में प्रसाद वितरण किया जाता है। 

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166  

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