संजीवनी टुडे

आज से नया मास आषाढ़ प्रारंभ, जानें कब है देवशयनी एकादशी

संजीवनी टुडे 18-06-2019 08:02:35

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार आज से (18 जून दिन मंगलवार ) नया मास आषाढ़ प्रारंभ हो गया है। हिंदू वर्ष के चौथे महीने का नाम आषाढ़ है यह मास ज्येष्ठ व सावन मास के बीच आता है। इस माह से ही वर्षा ऋतु का आगमन भी होता है। आषाढ़ मास 18 जून से प्रारंभ होकर 16 जुलाई तक तक रहेगा।


डेस्क। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार आज से (18 जून दिन मंगलवार ) नया मास आषाढ़ प्रारंभ हो गया है। हिंदू वर्ष के चौथे महीने का नाम आषाढ़ है यह मास ज्येष्ठ व सावन मास के बीच आता है। इस माह से ही वर्षा ऋतु का आगमन भी होता है। आषाढ़ मास 18 जून से प्रारंभ होकर 16 जुलाई तक तक रहेगा। इसके पश्चात भगवान शिव का सबसे प्रिय मास सावन प्रारंभ होगा। आषाढ़ मास में कुछ महत्वपूर्ण व्रत एवं त्योहार हैं, जिनका लोगों को वर्ष भर से इंतजार रहता है।

आइए जानते हैं कि आषाढ़ मास में कौन से व्रत एवं त्योहार किस दिन और किस तारीख को पड़ रहे हैं ताकि आप पहले से उनकी तैयारी कर पाएं।

18 जून — मंगलवार — आषाढ़ प्रारंभ

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29 जून योगिनी एकादशी: आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। एकादशी व्रत में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। अंग्रेजी कलैंडर के अनुसार यह योगिनी एकादशी 29 जून को है।

3 जुलाई गुप्त नवरात्रि प्रारंभ: चैत्र के पश्चात आषाढ़ व आश्विन माह के बाद माघ माह में भी शुक्ल पक्ष से नवरात्रि शुरु होते हैं लेकिन इन्हें गुप्त नवरात्रि कहा हैं। 

4 जुलाई जगन्नाथ रथ यात्रा: अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष जगन्नाथ यात्रा यह तिथि 4 जुलाई को निकाली जायेगी।

12 जुलाई देवशयनी एकादशी: देवशयनी एकादशी बहुत ही खास एकादशी होती है। यहां से धर्म-कर्म का दौर शुरु हो जाता है और सभी मांगलिक कार्यक्रमों पर विराम लग जाता है। दरअसल भगवान विष्णु इस दिन से चतुर्मास के लिये सो जाते हैं और देवउठनी एकादशी को ही जागते हैं। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी देवशयनी एकादशी कही जाती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह तिथि 12 जुलाई को है।

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13 जुलाई— शनिवार — वासुदेव द्वादशी

14 जुलाई— रविवार — जयापर्वती व्रत प्रारंभ

15 जुलाई— सोमवार — चौमासी चौदस

16 जुलाई— मंगलवार — व्यास पूजा, आषाढ़ पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा।

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