संजीवनी टुडे

सोमवती अमावस्या के मौके पर आज लाखों श्रद्धालु पवित्र सरोवर में लगाएंगे डुबकी

संजीवनी टुडे 03-06-2019 04:53:00

महाभारत कालीन ऐतिहासिक तीर्थ पांडू पिंडारा में सोमवार को आज सोमवती अमावस्या के मौके पर हजारों श्रद्धालु पवित्र सरोवर में डुबकी लगाएंगे।


धार्मिक डेस्क। महाभारत कालीन ऐतिहासिक तीर्थ पांडू पिंडारा में सोमवार को आज सोमवती अमावस्या के मौके पर हजारों श्रद्धालु पवित्र सरोवर में डुबकी लगाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रख कर प्रबंध किए गए हैं। इसके बावजूद जींद-गोहना मार्ग पर जाम रहने की संभावना रहेगी, क्योंकि पिंडारा तीर्थ पर जाने वाले श्रद्धालु इसी मार्ग को उपयोग में लाते हैं। सोमवती अमावस्या के दिन यहां लगने वाले मेले में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ख्याल रखते हुए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 

पिंडारा तीर्थ महाभारतकालीन तीर्थ है और यहां हर अमावस्या पर मेले का आयोजन किया जाता है। अबकी बार अमवास्या सोमवार को है, जिसके चलते सोमवती अमावस्या पर यहां स्नान कर पिंडदार करवाने का धार्मिक महत्व है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए तैयारियों को सुनिश्चित किया गया है। मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी निजी तथा सरकारी वाहनों से आते हैं। 

वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने के लिए पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। पार्किंग स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे रोड, सफीदों रोड व गोहाना रोड पर पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। इन स्थानोंं पर वरिष्ठ अधिकारी व्यवस्था को देखेंगे। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को तीर्थ स्थल तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसके लिए व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। भारी वाहनों को मेला स्थल तक ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा।

इस बार सोमवती अमावस्या, वट सावित्री, शनि जयंती का अद्भुत योग 
रविवार को जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का दिन शुभ माना जाता है। इस दिन मौन व्रत और उपवास करने से कुंडली के दोष और अशुभ योग दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस सोमवार 3 जून को सोमवती अमावस्या के साथ वट सावित्री व्रत और शनि जयंती भी मनाई जाएगी। 

इस दिन पंच महायोग होने से दान पुण्य करने पर दोगुना लाभ मिलेगा। सोमवार को कई अनूठे योग बन रहे हैं। इस साल सोमवती अमावस्या के साथ ही वट सावित्री व्रत, शनि जयंती और देव पितृ कार्य अमावस्या एक साथ मनाई जाएगी। सोमवती अमावस्या पर पंच महायोग होने से पूजा-अर्चना करने पर कई प्रकार के दोष और रोग दूर होंगे। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत योग और गज केसरी योग है। 

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सोमवती अमावस्या के दिन यदि शुभ मुहूर्त में पूजा करें तो जातकों की कुंडली के कई दोष दूर हो सकते हैं। साथ ही शनि जयंती भी इसी दिन होने से भगवान शनि देव की आराधना कर अपनी राशि में शनि के प्रकोप से भी बच सकते हैं और हर मनोकामना पूरी करवा सकते हैं, इसलिए सोमवती अमावस्या पर व्रत रखने का अधिक महत्व है। सुबह उठकर स्नान करें और शुद्ध वस्त्र धारण कर मां तुलसी की पूजा करें और इच्छानुसार दान पुण्य करें। गरीबों को भोजन का दान करने से ज्यादा पुण्य मिलेगा।

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