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Shani Jayanti: शनि जयंती पर कर ले ये उपाय, हो जायेंगे मालामाल!

संजीवनी टुडे 22-05-2020 09:14:40

माना जाता है कि शनि जब किसी से नाराज होते हैं तो एक साथ कई कष्ठ देते हैं। यहां तक की ये कभी कभी मृत्यु तुल्य कष्ट भी प्रदान करते हैं। इसलिए इन्हे प्रसन्न रखना बहुत ही जरुरी हो जाता है।


डेस्क। हिंदी पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि के पर शनि जयंती का पावन पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शनि देव का जन्म हुआ था। शनि जयंती के दिन शनि देव की विशेष पूजा की जाती है। माना जाता है कि शनि जब किसी से नाराज होते हैं तो एक साथ कई कष्ठ देते हैं। यहां तक की ये कभी कभी मृत्यु तुल्य कष्ट भी प्रदान करते हैं। इसलिए इन्हे प्रसन्न रखना बहुत ही जरुरी हो जाता है। शनि उन लोगों को सबसे अधिक कष्ठ देते हैं जो दूसरों को सताते हैं। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं जिन्हें करके आप भगवान शनि को प्रसन्न कर सकते हैं। ये उपाय काफी शुभ होते हैं। 

Shani Jayanti

-शनि जयंती के दिन काले रंग की चिड़िया खरीदकर उसे दोनों हाथों से आसमान में उड़ा दें। आपकी दुखतकलीफें दूर हो जाएंगी। 

-अमावस्या तिथि पर दान का बहुत अधिक महत्व होता है। इस दिन दान करने से कई गुना फल मिलता है। शनि जयंती के दिन दान करने से शनि के अशुभ प्रभावों से भी मुक्ति मिलती है। इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार दान अवश्य करें।

-शनि जयंती पर 10 बादाम लेकर हनुमान मंदिर में जाएं. 5 बादाम वहां रख दें और 5 बादाम घर लाकर किसी लाल वस्त्र में बांधकर धन स्थान पर रख दें.

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शनि जयंती की शाम पीपल के पेड़ के नीचे तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

-हनुमान जी की पूजा करने से सभी तरह के दोषों से मुक्ति मिलती है। धार्मिक कथाओं के अनुसार शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया है कि जो आपकी पूजा करेगा मेरी बुरी नजर उस व्यक्ति पर नहीं पड़ेगी। शनि के अशुभ प्रभाव से बचने केे लिए नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करें। अगर संभव हो तोे शनि जयंती के दिन सुंदरकांड का पाठ भी करें।

शनि जयंती पर शनिदेव का तिल के तेल से अभिषेक करें,तेल में काले तिल भी डालें, साथ ही शनिदेव के एक सौ आठ नामों का स्मरण अवश्य करें।

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आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए हमेशा शनिवार के दिन गेंहू पिसवाएं और गेहूं में कुछ काले चने भी मिला दें। 

शनि दोष के कारण विवाह में विलंब हो रहा हो, तो 250 ग्राम काली राई, नए काले कपड़े में बांधकर पीपल के पेड़ की जड़ में रख आएं और शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें।

शनि जयंती पर लोहे का त्रिशूल महाकाल शिव, महाकाल भैरव या महाकाली मंदिर में अर्पित करें। 

यह खबर भी पढ़े: शनि जयंती, 22 मई 2020: जानिए आज का राशिफल

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