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दो दिन बाद लगने जा रहा है साल का दूसरा चंद्रग्रहण, जानें क्या होगा आपकी राशि पर असर

संजीवनी टुडे 03-06-2020 08:58:29

आने वाली तिथि 5 जून को साल का दूसरा ग्रहण लगने जा रहा है। शुक्रवार को लगने वाले ग्रहण सामान्य रूप से लगने वाले चंद्रगहण से बिल्कुल अलग है। चंद्र ग्रहण की अवधि में सामान्य क्रियाकलापों या धार्मिक पांबदियां नहीं होंगी। यानी आप चांदनी रात का नजारा देखते हुए तमाम चीजें बिना रोक-टोक कर सकते हैं।


डेस्क। आने वाली तिथि 5 जून को साल का दूसरा ग्रहण लगने जा रहा है। शुक्रवार को लगने वाले ग्रहण सामान्य रूप से लगने वाले चंद्रगहण से बिल्कुल अलग है। चंद्र ग्रहण की अवधि में सामान्य क्रियाकलापों या धार्मिक पांबदियां नहीं होंगी।  यानी आप चांदनी रात का नजारा देखते हुए तमाम चीजें बिना रोक-टोक कर सकते हैं। 5 जून को चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह उपच्छाया ग्रहण होगा जो भारत में दिखाई नहीं देगा और इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। यह ग्रहण कुल 3 घंटे और 18 मिनट का होगा। यह चंद्र ग्रहण रात तकरीबन सवा 11 बजे से ढाई बजे तक रहेगा। खास बात ये है कि इस ग्रहण को भारत में भी देखा जा सकेगा। ग्रहण काल में चंद्रमा कहीं से कटा हुआ होने की बजाय अपने पूरे आकार में नजर आएगा। ग्रहण काल के दौरान चंद्रमा वृश्चिक राशि में होंगे।  ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव हर राशि पर पड़ता है। 

Lunar eclipse
मेष राशि- चंद्र ग्रहण के कारण आपके घर में अशांति का वातावरण देखने को मिल सकता है। मन में कई तरह के तनाव आ सकते हैं लेकिन आपको वाद-विवाद से दूर रहना है। मकान और घर को लेकर समस्याएं आ सकती हैं और निर्णय लेने में कुछ कठिनाई आ सकती है। इस दौरान आपको खुद को संभाल कर रखना है। ग्रहण काल में मंत्र का जाप कर अपने राशि के स्वामी मंगल को प्रबल करें।  ग्रहण काल खत्म होने के बाद किसी गरीब व्यक्ति को गुड़ और चावल का दान करें। 

वृषभ राशि-  ग्रहण का प्रभाव आपके कारोबार पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान अपनी सेहत का भी अच्छे से ख्याल रखें। किसी के साथ व्यापार में साझेदारी खत्म हो सकती है। इसकी वजह से आप थोड़े तनाव में आ सकते हैं। अपने और अपनी पत्नी के सेहत का विशेष ध्यान रखें। पति-पत्नी के बीच मनमुटाव भी हो सकता है।  ग्रहणकाल में शुक्र के मंत्रों का जाप करें। ग्रहणकाल के बाद किसी गरीब व्यक्ति को दूध का दान करें। 

मिथुन राशि-  ग्रहण का प्रभाव आपके आर्थिक जीवन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। आपको इस दौरान किसी महिला के आरोप से बचकर रहना है। किसी महिला से इस कदर अनबन हो सकती है कि मामला कोर्ट कचहरी तक पहुंच सकता है। इसलिए आपको बहुत सावधान रहने की जरूरत है। मानसिक तनाव से गुजर सकते हैं और थोड़ी सेहत भी खराब हो सकती है। इस राशि की महिलाओं को भी अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कर्ज का कोई मामला परेशान कर सकता है। धन के मामले में भी संभल कर रहने की जरूरत है। बुध के मंत्रों का जाप करें।  ग्रहणकाल खत्म होने पर किसी निर्धन को मीठी खीर दान में दें। 

कर्क राशि- चंद्र ग्रहण लगने पर कर्क राशि वालों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि इस राशि के स्वामी चंद्रमा ही हैं। ये ग्रहण आपके लिए थोड़ी परेशानी ला सकता है। रिश्ते, शिक्षा और संतान इन तीनों तरफ आपको सावधान रहने की जरूरत है. गर्भवती महिलाओं को अपना खास ख्याल रखने की जरूरत है. रिश्तों में गलतफहमी से बच कर रहने की जरूरत होगी। आपके लिए इंद्र गायत्री मंत्र बहुत लाभकारी रहेगा. ग्रहण के 15 दिन के आस-पास अपनी माता को चांदी का ग्लास दें। 

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ध्यान दें। घर से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। माता के साथ कोई वाद-विवाद करने से बचें।  छोटी-छोटी बातों को लेकर भी घर में तनाव हो सकता है लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. ग्रहणकाल में सूर्य और चंद्रमा के मंत्रों का जाप करना है. ग्रहण के बाद गुड़ और चीनी दोनों का दान करें। 

कन्या राशि - इस दौरान आत्मविश्वास में कमी आएगी और आपकी किसी के साथ दोस्ती खत्म हो सकती है। भाई-बहनों के साथ भी संबंध बिगड़ सकते हैं। किसी के स्वास्थ को लेकर चिंता ज्यादा हो सकती है। पार्टनशिप में लाभ की स्थिति भी बिगड़ सकती है। घर में बड़े और छोटे दोनों के सेहत का ध्यान रखें। ग्रहणकाल में बुध के मंत्रों का जाप करें। ग्रहण खत्म होने के बाद किसी गरीब व्यक्ति को हरी सब्जी का दान करें।

तुला- इस ग्रहणकाल के दौरान आपको अपनी वाणी पर बहुत ध्यान देना पड़ेगा वरना आपके कार्यक्षेत्र में परेशानी आ सकती हैं। इसलिए बोलने से पहले सोचें। मुंह, दांत और आंखों से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। तनाव भी बढ़ सकता है। ग्रहणकाल में शुक्र के मंत्रों का जाप करें। ग्रहणकाल खत्म होने के बाद किसी निर्धन व्यक्ति को घी का दान करें। 

वृश्चिक राशि: चंद्र ग्रहण आपकी ही राशि में पड़ रहा है। इसकी वजह से मानसिक तनाव हो सकता है। इस दौरान आपका आध्यात्म की तरफ झुकाव होगा और आपको इससे काफी मदद मिलेगी। आपको ऐसा लगेगा कि पूजा-पाठ के अलावा आपके पास कोई चारा नहीं है। स्थिति इतनी खराब नहीं होगी जितनी आपको महसूस होगी। जब मन विचलित हो तो इंद्र गायत्री मंत्र का जाप करें। ग्रहणकाल खत्म होने के बाद एक तांबे के लोटे में दूध भरकर शिव मंदिर के सामने रख आएं।                                                 

धनु राशि- इस दौरान आपके निर्णय लेने की क्षमता बहुत खराब हो सकती है।  किसी भी तरह का नकारात्मक विचार ना लाएं। आपका झुकाव आध्यात्म की तरफ होगा। आपको बृहस्पति मंत्र का जाप करने की जरूरत है।  किसी निर्धन व्यक्ति को एक पैकेट हल्दी का दान करें। 

मकर राशि- आपके धन लाभ में कमी होगी। कहीं से पैसा आना होगा तो अचानक रुक जाएगा। जीवनसाथी से तकरार और सहयोग में कमी आ सकती है। परिवार में किसी तीसरे व्यक्ति के कारण आप दोनों के संबंध खराब होंगे। किसी एक रिश्ते पर ध्यान देने की बजाय सारे रिश्तों को प्राथमिकता दें। शनि के मंत्रों का जाप करें। ग्रहण खत्म होने पर एक पैकेट दूध और सरसों का तेल गरीब व्यक्ति को दान करें। 

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कुंभ राशि- पिता के सेहत को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। आपके शत्रु प्रभावी हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में कोई महिला आरोप लगा सकती है और वो आपकी परेशानी का कारण बन सकती है। अपनी सेहत पर भी ध्यान दें। शनि के मंत्रों का जाप करें।  ग्रहणकाल खत्म होने के बाद सरसों के तेल या पांच सफेद मिठाई का दान करें। 

मीन राशि- धर्म को लेकर किसी बात पर संदेह कर सकते हैं। वाहन और यात्राओं से जुड़ी समस्या आ सकती है. बच्चों के सेहत पर विशेष रूप से ध्यान दें।  शिक्षा के क्षेत्र में भी ध्यान देने की जरूरत है और संबंधों में गलतफहमी ना आने दे।  ग्रहणकाल के दौरान बृहस्पति मंत्र का जाप करें। ग्रहणकाल के बाद चने की दाल का दान करे। 

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