संजीवनी टुडे

पदोन्नति में आरक्षणः कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर जाने को अडिग, शासन का प्रस्ताव ठुकराया

संजीवनी टुडे 28-02-2020 21:35:14

उत्तराखंड में पदोन्नति से रोक हटाने की मांग पर जनरल ओबीसी कर्मचारियों के दो मार्च से बेमियादी हड़ताल पर जाने के ऐलान को लेकर सरकार हरकत में आ गई है। मुख्य सचिव ने उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन को पत्र लिखकर हड़ताल मुल्तवी करने की अपील की है।


देहरादून। उत्तराखंड में पदोन्नति से रोक हटाने की मांग पर जनरल ओबीसी कर्मचारियों के दो मार्च से बेमियादी हड़ताल पर जाने के ऐलान को लेकर सरकार हरकत में आ गई है। मुख्य सचिव ने उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन को पत्र लिखकर हड़ताल मुल्तवी करने की अपील की है। इसके बावजूद एसोसिएशन ने मुख्य सचिव की अपील को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि पदोन्नति से रोक हटाए बिना हड़ताल का फैसला वापस लेना संभव नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि जनरल ओबीसी कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण के खिलाफ बेमियादी हड़ताल से गैरसैंण में तीन मार्च से शुरू होने वाला विधानसभा का बजट सत्र प्रभावित हो सकता है।

यह आशंका मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने जनरल ओबीसी इम्प्लाइज एसोसिएशन को आज लिखे पत्र में भी जताई है। उन्होंने कर्मचारी आंदोलन का नेतृत्व कर रही उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन से बजट सत्र के मद्देनजर हड़ताल व धरना प्रदर्शन का फैसला स्थगित करने का आग्रह किया है। उन्होंने एसोसिएशन को आश्वस्त किया कि कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर सरकार सकारात्मक रूप से कार्रवाई करने पर विचार करेगी। मुख्य सचिव ने पत्र में कहा है कि विधानसभा सत्र में बजट पास होना आवश्यक है। यदि सत्र के दौरान कोई बाधा पैदा होती है तो इसका प्रदेश की योजनाओं के साथ कर्मचारियों के वेतन पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

मुख्य सचिव ने एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी और प्रदेश महासचिव वीरेंद्र सिंह गुसांई को लिखे इस पत्र में हड़ताल मुल्तवी करने को कहा है। मुख्य सचिव के पत्र में एसोसिएशन के 22 फरवरी, 2020 के उस नोटिस का जिक्र किया है, जो मुख्यमंत्री को भेजा गया था। इस नोटिस में एसोसिएशन ने पदोन्नति में लगी रोक हटाने और सीधी भर्ती में लागू नए रोस्टर को बरकरार रखने को लेकर दो मार्च से सभी विभागों, निगमों, स्वायत्तशासी निकायों में कार्यरत जनरल ओबीसी वर्ग के सभी कर्मचारियों के बेमियादी हड़ताल पर जाने की सूचना दी है।

उधर, उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने मुख्य सचिव के पत्र के जवाब में कहा है कि जब तक सरकार पदोन्नति में लगी रोक नहीं हटाती है, बेमियादी हड़ताल पर जाने का फैसला वापस लेना संभव नहीं है। एसोसिएशन ने कहा कि बेमियादी हड़ताल का फैसला कर्मचारियों की मांगों को लेकर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भी सरकार ने पदोन्नति से रोक नहीं हटाई, इस कारण यह स्थिति पैदा हुई है। पत्र में एसोसिएशन के नेताओं ने कहा कि जहां तक हड़ताल से बजट सत्र के प्रभावित होने से विकास योजनाओं और कर्मचारियों के वेतन देने पर विपरीत प्रभाव का प्रश्न है तो ऐसा हमारा कोई उद्देश्य नहीं है। न ही विधानसभा सत्र को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।

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