संजीवनी टुडे

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संजीवनी टुडे 16-09-2019 08:44:56

सोमवार को शिवजी की पूजा करने जाते है तो ऐसी बहुत सी चीजें चढ़ाई जाती हैं जो अन्‍य किसी देवता को नहीं चढ़ाई जाती है यथा –आक,बिल्वपत्र, भांग, धतूरा इत्यादि इसी प्रकार पूजा करते समय हमें इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए


डेस्क। सोमवार शिव जी की पूजा का विधान हैं। सोमवार को शिवजी की पूजा करने जाते है तो ऐसी बहुत सी चीजें चढ़ाई जाती हैं जो अन्‍य किसी देवता को नहीं चढ़ाई जाती है यथा –आक,बिल्वपत्र, भांग, धतूरा इत्यादि इसी प्रकार पूजा करते समय हमें इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की वैसी कौन-कौन चीज है जिसे शिवजी की पूजा में नही चढ़ानी चाहिए। यदि आप शिवजी की पूजा में नही चढाने वाली वस्तु को चढ़ाते है तो उसका विपरीत फल मिलता है तथा आपकी मनोकामनाएं भी पूर्ण नहीं होंगी । अतः आइये आज हम आपको बताते है की ‘शिवपुराण के अनुसार” शिव पूजा में कौन कौन सी वस्तु नहीं चढ़ानी चाहिए।

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नारियल पानी: नारियल का प्रयोग आप शिव पूजा में कर सकते है परन्तु भगवान श‌िव का अभ‌िषेक नारियल पानी से नहीं करना चाह‌िए। इसका मुख्य कारण है कि जो भी प्रसाद चढ़ाया जाता है उसे ग्रहण भी किया जाता है परन्तु नारियल पानी से अभिषेक करने पर उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण नहीं किया जाता है। इसी कारण शिव जी पर नारियल पानी नहीं चढ़ाना चाहिए।

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हल्‍दी: हल्दी का प्रयोग प्रायः शुभ कार्यो के लिए किया जाता है लेकिन शिवजी की पूजा में हल्दी नहीं चढ़ाना चाहिए। शास्त्रानुसार शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है, इसी कारण से शिवजी को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है।

 फूल : शिव को केतकी और कवड़ा का फूल नहीं चढ़ाना चाहिए इसके अतिरिक्त शिव जी को लाल पुष्प तथा कमल का फूल भी प्रिय नहीं हैं अतः ऐसे फूल नहीं चढाने चाहिए।

 शंख : भगवान विष्णु को शंख बहुत ही प्रिय हैं। शिव जी ने शंखचूर नामक असुर का वध किया था इस कारण भगवान शिव/महादेव की पूजा में शंख का निषेध है।

तुलसी का पत्ता: तुलसी का पत्ता भी भगवान श‌िव जी के ऊपर नहीं चढ़ाना चाहिऐं । एक कथा के अनुसार असुरो का राजा जलंधर की पत्नी वृंदा तुलसी का पौधा बन गई थी। भगवान श‌िव जी ने जलंधर का वध क‌िया था इसी कारण वृंदा ने भगवान श‌िव की पूजा में तुलसी के पत्तों को नहीं चढाने का सन्देश दी थी।

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कुमकुम: शास्त्रों के अनुसार शिव जी को कुमकुम और रोली नहीं लगानी चाहिए परन्तु कहीं कहीं कुमकुम का भी प्रयोग करने के लिए कहा जाता है। यथा कहा गया है कुमकुम चंदन लेपित लिंगम्पं, कज हार सुशोभित लिंगम् । संचित पाप विनाशन लिंगम। तत्प्रणमामि सदा शिवलिंगम् ।

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