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Mahashivratri 2020: महाशिवरात्रि के दिन करें ये उपाय, जीवन की हर परेशानी से मिलेगी मुक्ति

संजीवनी टुडे 20-02-2020 08:27:44

शुक्रवार को महाशिवरात्रि का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। ये पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को जाता है। मान्यता है कि इस फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आधी रात में भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए थे।


डेस्क। शुक्रवार को महाशिवरात्रि का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। ये पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को जाता है। मान्यता है कि इस फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आधी रात में भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए थे। महाशिवरात्रि पर्व रात्रि व्यापिनी होने पर विशेष फल मिलता हैं। फाल्गुन कॄष्ण पक्ष त्रयोदशी को देवाधिदेव महादेव को पूजने का यह परम पवित्र महापर्व महाशिवरात्रि बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा।

Mahashivratri

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान शिव को औघड़ और भोलेनाथ भी कहा जाता है, लेकिन शिव जितने भोले और आसानी से प्रसन्न होने वाले हैं, उनका गुस्सा भी उतना ही प्रलयंकारी है। कहते हैं कि जिस दिन शिव ने अपनी तीसरी आंख खोल दी, उसी दिन दुनिया का अंत निश्चित है।
 
पौराणिक मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति वर्षभर कोई व्रत उपवास नहीं रखता है और वह मात्र महाशिवरात्रि का व्रत रखता है तो उसे पूरे वर्ष के व्रतों का पुण्य प्राप्त हो जाता है। शिवरात्रि पर 4 प्रहर की पूजा अत्यंत फलदायी होती है। शिवरात्रि पर 4 प्रहर की पूजा से सभी प्रकार की कामनाएं पूर्ण होती हैं।

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महाशिवरात्रि पर करें ये उपाय
 
इसी दिन भगवान‌ शिव अर्द्धरात्रि में ब्रह्माजी के अंश से लिंग रूप में प्रकट हुए थे। कई जगहों पर मान्यता है कि इसी दिन भोलेनाथ का गौरा माता से विवाह हुआ था। इस दिन विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का पूजा-अर्चन किया जाए तो सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। 

-भगवान शिव बहुत ही भोले हैं।वह बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं।माता पार्वती शक्ति की देवी हैं।यदि इस पावन अवसर पर शिव पूजा के साथ साथ दुर्गासप्तशती का पाठ भी किया जाय तो मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।अतः इस दिन विवाह का संकल्प करके दुर्गासप्तशती का पाठ करें विशेषकर सिद्धि कुंजिकास्तोत्र का तो 18 बार पाठ करें।

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-शिवलिंग का 101 बार जलाभिषेक करें। साथ ही ॐ हौं जूं सः। ॐ भूर्भुवः स्वः। ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्। उर्व्वारुकमिव बन्धानान्मृत्यो मुक्षीय मामृतात्। ॐ स्वः भुवः भूः ॐ। सः जूं हौं ॐ। मंत्र का जप करते रहें। इससे बीमारी ठीक होने में लाभ मिलता है।

-शिवरात्रि पर 21 बिल्व पत्रों पर चंदन से 'ॐ नम: शिवाय' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इससे इच्छाएं पूरी हो सकती हैं।

-शिवरात्रि पर नंदी (बैल) को हरा चारा खिलाएं। इससे जीवन में सुख-समृद्धि आएगी और परेशानियों का अंत होगा।

-शिवरात्रि पर भगवान शिव को तिल व जौ चढ़ाएं। तिल चढ़ाने से पापों का नाश व जौ चढ़ाने से सुख में वृद्धि होती है।

-अगर विवाह में अड़चन आ रही है तो शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर केसर मिलाकर दूध चढ़ाएं। जल्दी ही विवाह हो सकता है।

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- मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं। इस दौरान भगवान शिव का ध्यान करते रहें। इससे धन की प्राप्ति होती है।

-शिवरात्रि पर घर में पारद के शिवलिंग की स्थापना योग्य ब्राह्मण से सलाह कर स्थापना कर प्रतिदिन पूजन कर सकते हैं। इससे आमदनी बढ़ने के योग बनते हैं।

- शिवरात्रि पर गरीबों को भोजन कराएं। इससे घर में कभी अन्न की कमी नहीं होगी और पितरों की आत्मा को शांति मिलेगी।

-पानी में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें व 'ॐ नम: शिवाय' मंत्र का जप करें। इससे मन को शांति मिलेगी।

-शिवरात्रि के दिन आटे से 11 शिवलिंग बनाएं व 11 बार इनका जलाभिषेक करें। इस उपाय से संतान प्राप्ति के योग बनते हैं।

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