संजीवनी टुडे

जल्द आ रही है हर‍ियाली तीज, ये बातें जरूर होनी चाह‍िए आपको मालूम

संजीवनी टुडे 29-07-2019 11:09:51

इस बार हरियाली तीज 3 अगस्त (2019) को है। यह त्योहार खासतौर पर महिलाओं का त्योहार है। वैसे तो इस त्योहार को भगवान शिव और माता पार्वती से जोड़ कर देखा जाता है। इस दिन महिलाएं व्रत और पूजा के साथ-साथ सोल्ह श्रृंगार भी करती हैं। सोलह श्रृंगार कर भगवान शंकर और मां पार्वती की पूजन और अपने पत‍ि की लंबी आयु की कामना करने का त्‍योहार है


डेस्क। सावन महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरियाली तीज कहा गया है। इस बार हरियाली तीज 3 अगस्त (2019) को है। यह त्योहार खासतौर पर महिलाओं का त्योहार है। वैसे तो इस त्योहार को भगवान शिव और माता पार्वती से जोड़ कर देखा जाता है। इस दिन महिलाएं व्रत और पूजा के साथ-साथ सोल्ह श्रृंगार भी करती हैं। सोलह श्रृंगार कर भगवान शंकर और मां पार्वती की पूजन और अपने पत‍ि की लंबी आयु की कामना करने का त्‍योहार है हर‍ियाली तीज। देश के कुछ राज्‍यों में व‍िवाह‍ित स्‍त्र‍ियां यह त्‍योहार अपने मायके में मनाती हैं। खासतौर से शादी के बाद आया पहला सावन मायके में ही गुजरता है। हर‍ियाली तीज के द‍िन ससुराल से बहू के लि‍ए 16 श्रृंगार की समाग्री और अन्‍य उपहार आते हैं। आप यह व्रत रखते हों या नहीं, पर इस अनोखे और सुखद त्‍योहार के बारे में कुछ बाते आपको जरूर मालूम होनी चाह‍िए।

हर‍ियाली तीज मनाने का कारण:  

जानकारी के अनुसार ऐसी मान्‍यता है क‍ि कठोर तपस्‍या के बाद इसी द‍िन मां पार्वती का व‍िवाह भगवान शंकर से हुुआ था। मां पार्वती की तपस्‍या से प्रसन्‍न होकर भगवान शंकर ने आज ही के द‍िन यानी श्रावण मास के शुक्‍ल पक्ष की तृतीया को ही मां पार्वती के सामने प्रकट हुए और उनसे व‍िवाह क‍िया।

sss

म‍िट्टी और रेत की मूर्त‍ि: हर‍ियाली तीज के द‍िन व‍िवाह‍ित महिलाएं पूजन के लि‍ए म‍िट्टी और रेत की भगवान शंकर व मां पार्वती की मूर्त‍ि बनाती हैं और उनकी पूजा करती हैं।  इसके बाद इसे नदी में व‍िसर्ज‍ित कर देती हैं। 

श‍िव-पार्वती कथा: अगर आपने हर‍ियाली तीज का व्रत रखा है तो आप भी कथा जरूर सुनें। क्योकिं हर‍ियाली तीज का व्रत श‍िव-पार्वती के व‍िवाह कथा के बगैर अधूरा माना जाता है।

sss


हरियाली तीज की पूजा सामग्री: हर‍ियाली तीज की पूजा में ज‍िन चीजों की आवश्‍यकता होती है, उसमें गीली मिट्टी, पीले रंग का नया कपड़ा, बेल पत्र, कलावा, धूप-अगरबत्ती, कपूर, घी का दीपक, फूल-फल, नारियल और पंचामृत आदि प्रमुख हैं। 

sss

श्रृंगार का महत्‍व: हर‍ियाली तीज के द‍िन 16 श्रृंगार का व‍िधान है, लेकि‍न व‍िवाह‍ित स्‍त्र‍ियों के ल‍िए तीन महत्‍वपूर्ण श्रृंगार जरूरी है। मेहंदी, चूड़ी और लहर‍िया साड़ी।

सफेद और काला वस्‍त्र वर्ज‍ित: हर‍ियाली तीज के द‍िन सफेद और काला वस्‍त्र पहननाा वर्ज‍ित होता है. इसे अशुभ माना जाता है।

sss

पत‍ि और पुत्र दोनों के ल‍िए व्रत: जहा कुंवारी कन्‍याएं,  अच्‍छे वर के ल‍िए यह व्रत रखती हैं, वहीं व‍िवाह‍ित मह‍िलाएं संतान और पत‍ि की लंबी आयु के ल‍िए यह व्रत रखती हैं। ज‍िन मह‍िलाओं को संतान सुख प्राप्‍त नहीं है, वह संतान की कामना करने के ल‍िए यह व्रत रखती हैं। 

हर‍ियाली तीज का व्रत: हर‍ियाली तीज का व्रत 24 घंटे का होता है। अगले द‍िन इसका पारण होता है।

sss

दूसरों की बुराई ना करें: हर‍ियाली तीज के द‍िन दूसरों की बुराई ना करें। खासकर क‍िसी के आचरण को लेकर गलत अफवाहें ना फैलाएं। इसका व्रत पर नकारात्‍मक असर होता है। इसके साथ ही पति से छल कपट, झूठ और दुर्व्यवहार नहीं करनी चाहिए। 

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

More From religion

Trending Now
Recommended