संजीवनी टुडे

होली निमंत्रण : सखी बोलीं...कल अइयौं बरसाने खेलें तो संग होरी

संजीवनी टुडे 14-03-2019 20:10:32


मथुरा। कान्हा के गांव नंदगांव गुरुवार पूर्वान्ह बरसाना गांव से लठामार होली न्योता देने के लिए दर्जन भर से अधिक सहचरी ढोल-नगाड़ों के साथ नंदभवन पहुंची। यहां सखियों के नंदभवन आते ही ग्वालों ने चुनरी उढ़ाकर स्वागत करते हुए न्योता स्वीकार कर नाचते हुए खुशी मनाई। 

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गुरुवार को कान्हा के गांव नंदगांव में राधारानी के गांव बरसाना से लठामार होली का निमंत्रण पहुंचा। करीब 11 बजे बरसाना से लाडलीजी की दर्जन भर से अधिक सहचरी ढोल-नगाड़ों के साथ नंदभवन पहुंचीं। सखियों के नंदभवन में प्रवेश करते ही पहले से पलक पांवडे बिछाए ग्वालों ने सभी सखियों का चुनरी उढाकर स्वागत किया। आदर के साथ गोस्वामीजनों का एक समूह सभी सखियों को कन्हैया के निज महल की ओर ले गए। मंदिर के अन्दर पहुंचकर सखियों ने फाग के निमंत्रण रूपी गुलाल एवं लाडली जी की भेंट सेवायतों को कन्हैया के श्री चरणों में रखने के लिए दी। 

लाडलीजी का भेजा हुए संदेश सुनाते हुए सखियों ने कन्हैया से कहा कि कल आप अपने समस्त सखाओं के लेकर बरसाना लठामार होली के लिए आमंत्रित हैं। विश्व प्रसिद्ध लठामार होली के लिए बरसाना से राधेजी के भेजे निमंत्रण को पाकर गोप और ग्वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गोप ग्वाल सब एक-दूसरे को बधाई देने लगे। इसी दौरान सेवायत ने लाडली जी की भेजी गुलाल की हांडी को कन्हैया के श्री चरणों में रखा और सखियों का आग्रह भी सुनाया। इसके बाद सेवायतों ने सखियों का प्रतिनिधित्व कर रही राधा सखी को कन्हैया का प्रसादी लड्डू, इत्र फाहा आदि भेंट किया।

ग्वालबाल सखियों से बरजोरी कर जगमोहन तक लेकर आए। वहां पहले से सजे-धजे तैयार बैठे गोप व ग्वालों ने होली के रसियाओं पर जमकर नचाया। सखियां भी कहां हारने वाली थीं, चार-चार ग्वाले पर एक-एक सखी नृत्य में भारी पड़ रही थीं। एक ओर जहां ग्वाल और गोपों का निमंत्रण पाकर उत्साह दुगना था तो वहीं सखियां भी लठामार होली से पहले रसिया होली में हारकर लाडली के सामने नहीं लौटना चाहती थीं। 

एक-दूसरे को पराजित करने की होड़ में करीब साढ़े तीन घंटे जमकर नृत्य हुआ। इस दौरान श्रोता और दर्शक बने भक्त भी सखियों और ग्वालों की प्रतिस्पर्द्धा का जमकर आनंद उठा रहे थे। कोई भी इस दुर्लभ दृश्य का एक पल भी गंवाना नहीं चाहता था। लम्बे समय बाद संकेत हुआ कि कार्यक्रम का समापन किया जाना चाहिए। होरी के रसिया के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। 

कार्यक्रम समापन के पश्चात सखियों को राजभोग कराया गया। इसके बाद ग्वालों ने सखियों का निमंत्रण स्वीकार कर बरसाने आकर होली खेलने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद गोपियां बरसाना के लिए प्रस्थान करती हैं। यहां लड्डू होली का आयोजन होता है। 

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होली के रसियाओं पर जमकर नाचीं सखियां
फाग निमंत्रण उत्सव के दौरान होली रसियाओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ संगीताचार्य राधारमण गोस्वामी ने राग काफी में ठुमरी गाकर किया। दिनेश गोस्वामी, केदार गोस्वामी, मुकेश गोस्वामी, विक्रमवेद, ललित गोस्वामी आदि ने भी अपनी प्रस्तुति दे श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया।

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