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गुरु पूर्णिमा आज, जानिए व्रत विधि और शुभ मुहूर्त

संजीवनी टुडे 05-07-2020 09:07:00

भारत में गुरु पूर्णिमा का पर्व बड़ी श्रद्धा व धूमधाम से मनाया जाता है। प्राचीन काल से चली आ रही यह परंपरा हमारे भीतर गुरु के महत्व को परिलक्षित करती है। हर वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।


डेस्क। भारत में गुरु पूर्णिमा का पर्व बड़ी श्रद्धा व धूमधाम से मनाया जाता है। प्राचीन काल से चली आ रही यह परंपरा हमारे भीतर गुरु के महत्व को परिलक्षित करती है। हर वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन शिष्‍य अपने गुरुओं की पूजा करते हैं और उन्‍हें सम्‍मान देते हैं। हिन्दु पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इसे आषाढ़ पूर्णिमा भी कहते हैं। इस बार 05 जुलाई रविवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा हैं। 

Guru Purnima

गुरु पूर्णिमा को व्‍यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

गुरु पूर्णिमा महाकाव्य महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। वेदव्यास संस्कृत के महान ज्ञाता थे। सभी 18 पुराणों का रचयिता भी महर्षि वेदव्यास को माना जाता है। वेदों को विभाजित करने का श्रेय भी वेद व्यास को दिया जाता है। इसी कारण इनका नाम वेदव्यास पड़ा था। इसलिए गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

गुरु पूर्णिमा को व्‍यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, क्‍योंकि इस दिन महाभारत के रचयिता महर्षि वेद व्यास जी का जन्मदिवस भी होता है। हिंदू धर्म में 18 पुराणों का जिक्र है, जिनके रचयिता भी महर्षि वेदव्यास ही है। व्यास जी ने सभी 18 पुराणों की रचना की है। इतना ही नहीं व्यास जी को वेदों का विभाजन करने का भी श्रेय प्राप्त हुआ है। 

Guru Purnima
ये है गुरु पूर्णिमा तिथि का समय

गुरु पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 4 जुलाई को सुबह 11:33 बजे से होगा और समापन 5 जुलाई को सुबह 10:13 बजे होगा. इस दिन गुरुओं की पूजा करके, उनके चरणों में पुष्‍प अर्पित किए जाते हैं. इस दिन घर के बड़े, बुजूर्गों के भी पैर छूकर आर्शीवाद लेना चाहिए, क्‍योंकि उनसे भी हम अपने जीवन में कुछ न कुछ सीखते रहते हैं.

गुरु पूर्णिमा मुहूर्त

गुरु पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 4 जुलाई 2020 को 11बजकर 33 मिनट से 

गुरु पूर्णिमा तिथि समाप्त: 5 जुलाई 2020 को 10 बजकर 13 मिनट पर

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जानिए गुरु पूर्णिमा पर पूजा विधि

यह दिन हर एक व्यक्ति के लिए खास है। खासकर विद्या अर्जन करने वाले लोगों के लिए इस दिन अपने गुरु की सेवा और भक्ति कर जीवन में सफल होने का आशीर्वाद जरूर प्राप्त करना चाहिए। साथ ही विद्या की देवी मां शारदे की जरूर पूजा करनी चाहिए. इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नियमित दिनों की तरह पूजा करें। इसके बाद परम पिता परमेश्वर सहित सभी देवी और देवताओं से आशीर्वाद प्राप्त करें। वहीं, अपने गुरु की सेवा श्रद्धा भाव से करें।  संध्याकाल में सामर्थ्य अनुसार दान-दक्षिणा देकर उनसे आशीर्वाद लें।

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