संजीवनी टुडे

पूर्णइच्छेश्वर महादेव का आलिंगन करने से मनोकामना होती ही पूर्ण

संजीवनी टुडे 17-07-2019 11:06:25

पटना पक्षी विहार परिसर जहां अपने वातावरण की दृष्टि से पर्यटन स्थल के रूप में विख्यात है, वहीं यहां स्थापित भगवान शिव का पूर्णइच्छेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केन्द्र है।


एटा। जिले की जलेसर तहसील में जलेसर सिकन्दराराऊ मार्ग पर स्थित पूर्णइच्छेश्वर महादेव में श्रावण मास के पहले दिन शिवभक्तों का तांता लगा रहा।

पूर्णइच्छेश्वर महादेव मंदिर 

पटना पक्षी विहार परिसर जहां अपने वातावरण की दृष्टि से पर्यटन स्थल के रूप में विख्यात है, वहीं यहां स्थापित भगवान शिव का पूर्णइच्छेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केन्द्र है।

 श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां पूजन-अर्चन के उपरान्त अगर भक्त अपनी मनोकामना को मांगने के उपरान्त भगवान की प्रतिमा का आलिंगन करे और वह ऐसा करने में सफल भी हो जाय तो उसकी वह मनोकामना अवश्य ही पूर्ण होती है। 

अनुश्रुतियां में पूर्णइच्छेश्वर महादेव मंदिर को भगवान श्रीकृष्ण के रूक्मिणी हरण प्रसंग तक ले जाती हैं। लोकमान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा समीप के नोहखेड़ा के शासक की पुत्री रूक्मिणी का एटा-जलेसर मार्ग से कुछ हटकर स्थापित नरहुली मंदिर से हरण किया था तथा इसी पूर्ण इच्छेश्वर मंदिर पर विवाह संस्कार सम्पन्न किया था। 

पुराविदों के अनुसार प्रतिहारकालीन शिव-प्रतिमा का यह मंदिर जनपद के प्राचीन मंदिरों में से एक है। 

सोरों से कांवड़ में गंगाजल ला चढ़ाते हैं कांवरिये 

श्रावण मास में सोमवार के दिन तो पूर्णइच्छेश्वर महादेव मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। इस दिन जहां सामान्य श्रद्धालु बेलपत्र, धतुरा आदि से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने यहां पहुंचते हैं, वहीं कांधे पर कांवड़ में, केवल हाथों में गंगाजली लाकर तथा पूरे मार्ग बिना विश्राम किये कांवड़ लानेवाले (खड़ेसुरी)कांवरिये व दण्डौती परिक्रमा कर भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करनेवाले श्रृद्धालुओं की संख्या हजारों में होती है। 

पर्यटन स्थल घोषित

पटना पक्षी विहार जनपद का एकमात्र ऐसा मनोरम स्थल है जहां जाकर आप गोवा प्रवास सरीखी अनुभूति तो पाते ही हैं, द्वापरकालीन भगवान भोलेनाथ के पूर्णइच्छेश्वर स्वरूप के दर्शनों से कृतार्थ भी हो जाते हैं। 

लगभग 90 एकड़ की प्राकृतिक झील के किनारे फैला यह पक्षी विहार जनसामान्य को ही नहीं पक्षियों के आकर्षण का भी प्रमुख स्थल है। यहां विभिन्न भारतीय प्रजाति के पक्षियों के अतिरिक्त सुदूर साइबेरिया से आनेवाले पक्षियों तक को भी देखा जा सकता है। कुछ वर्ष पूर्व जिला प्रशासन ने भी इसके प्राकृतिक सौन्दर्य व मनोरम वातावरण को देख इसे पर्यटन स्थल घोषित किया है। 

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166 

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