संजीवनी टुडे

Chaitra Navaratri 2019 : नवरात्र के सातवें दिन भवानी गौरी के दरबारों में उमड़ा आस्था का सैलाब

संजीवनी टुडे 12-04-2019 14:43:33


धर्म डेस्क। वासंतिक नवरात्र के सातवें दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने माता रानी के गौरी स्वरूप भवानी गौरी और शक्ति स्वरूपा कालरात्रि के दरबार में हाजिरी लगाई। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर के निकट रेड जोन में स्थित भवानी गौरी के दरबार में भोर से ही श्रद्धालु पूजन के लिए पहुंचने लगे।

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दरबार में श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में गुड़हल के पुष्प की माला, लाल चुनरी, नारियल, फल, मिष्ठान, सिन्दूर, रोली, इत्र और द्रव्य अर्पित किया। चैत्र नवरात्र में आदि शक्ति के दर्शन पूजन के क्रम में श्रद्धालुओं ने कालिका गली में स्थित कालरात्रि के दरबार में भी हाजिरी लगाई। दरबार में आधी रात के बाद से ही श्रद्धालुओं का हुजूम मां के दर्शन को उमड़ पड़ा । हाथों में पूजन सामग्री, फूल-माला और नारियल लिए श्रद्धालु मां की एक झलक पाने के लिए घंटों कतार में लगे रहे। इस दौरान पूरा वातावरण जय माता दी और जय कालरात्रि माता के उद्घोष से गुंजायमान रहा। 

भगवती का यह स्वरूप अपने महा विनाशक गुणों से शत्रु एवं दुष्ट लोगों का संहार करता है। विनाशिका होने के कारण इनका नाम कालरात्रि पड़ गया। आकृति और सांसारिक स्वरूप में यह कालिका का अवतार यानी काले रंग रूप की अपनी विशाल केश राशि को फैलाकर चार भुजाओं वाली दुर्गा है। यह वर्ण और वेश में अर्द्धनारीश्वर शिव की ताण्डव मुद्रा में नजर आती है। इसकी आंखों से अग्नि की वर्षा होती है। एक हाथ से शत्रुओं की गर्दन पकड़कर दूसरे हाथ में खड़क तलवार से युद्ध स्थल में उनका नाश करने वाली कालरात्रि सचमुच ही अपने विकट रूप में नजर आती है। 

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इसकी सवारी गधर्व यानी गधा है जो समस्त जीव जन्तुओं में सबसे अधिक परिश्रमी और निर्भय होकर अपनी अधिष्ठात्री देवी कालरात्रि को लेकर इस संसार में विचरण कर रहा है। माता रानी भक्तों पर उनकी असीम कृपा रहती है और उन्हें वह हर तरफ से रक्षा ही प्रदान करती है।

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