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बसपा विधायकों के दल-बदल मामले में बहस पूरी, अब फैसला 17 अगस्त को, जानिए कब क्या हुआ?

संजीवनी टुडे 14-08-2020 21:56:01

सुनवाई के दौरान शुरूआत में बसपा विधायकों की ओर से पक्ष रखा गया। विधायकों की ओर से कहा गया कि बसपा के पूरे विधायक दल का कांग्रेस के विधायक दल में विलय हो गया है।


जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में बसपा विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के मामले में शुक्रवार को सभी पक्षों की बहस पूरी हो गई है। न्यायाधीश महेन्द्र गोयल ने प्रकरण में विधायक मदन दिलावर और बसपा की ओर से पेश याचिकाओं पर अपना फैसला लिखाना भी शुरू कर दिया है। अदालत मामले में अपना फैसला 17 अगस्त को सुनाएगी। इसके साथ ही अदालत ने मौखिक रूप से स्पीकर को कहा है कि वे याचिका के निस्तारण तक हाल ही में एक व्यक्ति विजय सिंह की ओर से पेश दल बदल की शिकायत का निस्तारण ना करें। अदालत ने कहा गया कि उनकी ओर से स्टे एप्लीकेशन को तय करने के बजाए याचिकाओं पर ही अंतिम फैसला दिया जा रहा है।

सुनवाई के दौरान शुरूआत में बसपा विधायकों की ओर से पक्ष रखा गया। विधायकों की ओर से कहा गया कि बसपा के पूरे विधायक दल का कांग्रेस के विधायक दल में विलय हो गया है। ऐसे में स्पीकर का मर्जर का आदेश सही है। इसलिए कोई को उसमें दखल का क्षेत्राधिकार नहीं है। इसके अलावा स्पीकर के समक्ष याचिकाकर्ता की कोई अर्जी लंबित नहीं है। स्पीकर उनकी अर्जी को पहले ही तकनीकी आधार पर खारिज कर चुके हैं। ऐसे में अयोग्यता का इश्यू अभी प्रीमैच्योर है। इसे इस स्तर पर हाईकोर्ट में चुनौती भी नहीं दी जा सकती। 

इसी तरह मामले में इंटरवीनर बनी कांग्रेस पार्टी की ओर से भी विलय को सही बताते हुए याचिकाएं खारिज करने की गुहार की गई। दूसरी ओर मदन दिलावर की ओर से कहा गया कि स्पीकर का मर्जर आदेश गलत है और उन्होंने उसकी याचिका को बिना सुने एकपक्षीय ही खारिज कर दिया है। इससे स्पीकर की मंशा का साफ पता चलता है। वहीं बसपा की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय पार्टी होने के चलते पार्टी का विलय भी राष्ट्रीय स्तर पर ही हो सकता है। विधायकों को यह अधिकार नहीं की वे अपने स्तर पर पार्टी का विलय कर स्पीकर को इसकी जानकरी दें। इसलिए स्पीकर के आदेश को रद्द कर विधायकों पर दल बदल की कार्रवाई की जानी चाहिए। अदालत की ओर से कहा गया कि उनकी ओर से स्टे एप्लीकेशन को तय करने के बजाए याचिकाओं पर ही फैसला दिया जा रहा है।

कब क्या हुआ

- 16 सितंबर 2019 को बसपा विधायकों ने स्पीकर को कांगे्रस में शामिल होने की अर्जी दी।
- 18 सितंबर 2019 को स्पीकर ने बसपा विधायकों को कांग्रेस में शामिल किया।
- 16 मार्च 2020 को मदन दिलावर ने स्पीकर के समक्ष शिकायत याचिका पेश की।
- 22 जुलाई 2020 को स्पीकर ने तकनीकी आधार पर दिलावर की याचिका को खारिज किया।
- 29 जुलाई 2020 को बसपा और मदन दिलावर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
- 30 जुलाई 2020 को एकलपीठ ने नोटिस जारी किए।
- 5 अगस्त 2020 को बसपा और दिलावर की अपील पर खंडपीठ ने स्पीकर को नोटिस जारी किए।
- 6 अगस्त 2020 को खंडपीठ ने अपील निस्तारित करते हुए विधायकों पर नोटिस तामील कराने और एकलपीठ को स्टे एप्लीकेशन तय करने को कहा
- 11 अगस्त 2020 से एकलपीठ में सुनवाई शुरू
- 14 अगस्त 2020 को बहस पूरी।

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