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राजस्थान/ रिश्वतखोर पटवारी को 2 वर्ष का कठोर कारावास, 15 हजार रुपये जुर्माना

संजीवनी टुडे 14-07-2020 21:36:00

भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय के न्यायाधीश प्रमोद कुमार मलिक ने राजस्व रिकार्ड में जमीन रहननामा का नोट हटाने की एवज में 600 रूपये रिश्वत लेने के मामले में निर्णय देते हुए आरोपी पटवारी को 2 वर्ष का कठोर कारावास व 15000 रूपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।


कोटा। भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय के न्यायाधीश प्रमोद कुमार मलिक ने राजस्व रिकार्ड में जमीन रहननामा का नोट हटाने की एवज में 600 रूपये रिश्वत लेने के मामले में निर्णय देते हुए आरोपी पटवारी को 2 वर्ष का कठोर कारावास व 15000 रूपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। 

प्रकरण के अनुसार 9 मई 2013 को परिवादी कमल मेरोठा निवासी अरडान ने एसीबी चौकी बारां पर उपस्थित होकर एक शिकायत इस आशय की पेश की कि मैं खेती बाड़ी करता हूं,मेरे नाम 8--9 बीघा करीब जमीन अरडान के माल में है, मैंने मेरे नाम से केसीसी आईसीआईसी आई बैंक बारां से 1लाख 28 हजार रुपये का ऋण लिया था जिसकी ब्याज सहित1लाख 32 हजार रुपए मैंने चैक से जमा करादिए। रेवेन्यू रिकॉर्ड तहसील अटरू में से इस इंद्राज को हटाने के लिए तहसील अटरू के नाम 7 मई 2013 के द्वारा आईसीआई सीआई बैंक के प्रबंधक ने पत्र लिख दिया है।

जब मैं हमारे हल्का पटवारी विशंभर दयाल से रेवेन्यू रिकॉर्ड से इंद्राज हटाने के लिए मिला तो उसने इस काम के लिए 1000 रूपये रिश्वत के मांगे यह भी कहा कि जब तक 1000 रुपये नहीं दोगे,महीनों चक्कर लगाता रहेगा। बिना रिश्वत दिए काम नहीं करूंगा। एसीबी ने 9 मई 2013 को शिकायत का सत्यापन करवाया। उस समय परिवादी से अभियुक्त ने 800 रूपये लेना तय कर 200 रूपए प्राप्त किए बाकी राशि बाद में देना तय हुआ। 9 मई 2013 को ही 600 रूपये रिश्वत राशि प्राप्त करते हुए आरोपी पटवारी विशंभर दयाल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर रिश्वत की राशि उसकी शर्ट की जेब से बरामद हुई। ब्यूरो ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान के पश्चात न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र पेश किया था। 

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