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राजस्थान की राजनीती में नया मोड़, SOG ने बंद की विधायकों की खरीद फरोख्त के मामले की जांच

संजीवनी टुडे 08-08-2020 22:16:09

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुट के 12 विधायक गुजरात चले गए हैं।


नई दिल्ली। राजस्थान में सियासी घमासान के बीच 14 अगस्त से विधानसभा का सत्र है। इससे ठीक पहले राज्य की राजनीति में दो बड़ी घटनाएं हुई हैं। एक को कांग्रेस में सुलह के कदम की ओर देखा जा रहा है। इसके तहत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने विधायकों की खरीद फरोख्त के मामले में जांच बंद कर दी है। दूसरे कदम को बीजेपी में गुटबाजी का संकेत कहा जा रहा है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुट के 12 विधायक गुजरात चले गए हैं। इन सबके बीच अशोक गहलोत खेमे के विधायक जैसलमेर और सचिन पायलट गुट के दिल्ली एनसीआर में जमे हुए हैं। 

पहले बात करते हैं, विधायकों की खरीद फरोख्त मामले की। 7 अगस्त को एसओजी ने कोर्ट में कहा कि कोई मामला नहीं बन रहा है। इसलिए वो जांच बंद कर रहे हैं।  एसओजी के वकील संत कुमार ने कोर्ट से कहा कि अब इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते। इसके बाद कोर्ट ने तीन आरोपियों भरत मालाणी, अशोक सिंह और संजय जैन को रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि संजय जैन भ्रष्टाचार के मामले में जेल में है तो बाहर नहीं आ पाएगा। 

विधायकों की खरीद फरोख्त मामले में एसओजी ने 10 जुलाई को मामला दर्ज किया था। यह मामला राजद्रोह के धाराओं के अंतर्गत दर्ज किया गया था। ब्यावर के रहने वाले भरत मालानी और उदयपुर के रहने वाले अशोक सिंह पर सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने इन दोनों को बीजेपी कार्यकर्ता बताया था. हालांकि बीजेपी ने इससे इनकार किया था। 

पायलट के बगी होने की एक वजह ये भी थी
एसओजी ने बाद में सीएम गहलोत, तत्कालीन डिप्टी सीएम सचिन पायलट समेत कई विधायकों को नोटिस जारी किया था। बताया जाता है कि पहले से गहलोत से खार खाए बैठे पायलट ने नोटिस के बहाने बगावत की थी। वे अपने खेमे के विधायकों के साथ दिल्ली, मानेसर चले गए। इसके बाद से ही राजस्थान में सियासी संकट शुरू हुआ। 

पायलट गुट का दावा- गहलोत खेमे के विधायकों की हो रही फोन टैपिंग
वहीं पायलट खेमा अब गहलोत गुट को नए तरीके से घेर रहा है। 7 अगस्त को उसकी ओर से दावा किया गया कि जैसलमेर के सूर्यगढ़ होटल में जो विधायक और मंत्री रुके हुए हैं, उनका फोन टेप किया जा रहा है। ये दावा करते हुए कुछ कागज भी जारी किए गए हैं। पायलट कैंप की तरफ से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के मुताबिक, 2 से 4 अगस्त तक मंत्री शांति धारीवाल, अर्जुन बामनिया, विधायक रोहित बोहरा, जाहिदा, बलजीत यादव और वीरेंद्र चौधरी के कॉल रिकॉर्ड हुए हैं। यहां तक कि होटल के फोन के जरिए हुई आपसी बातचीत को भी रिकॉर्ड किया जा रहा है।  हालांकि सरकार और राजस्थान पुलिस ने इससे इनकार किया। गहलोत गुट के कुछ विधायकों ने भी फोन टैपिंग के आरोपों को खारिज किया। 

बीजेपी में बाड़ाबंदी
इधर, अब बीजेपी में बाड़ेबंदी की खबरें हैं। पार्टी ने उदयपुर संभाग के 12 विधायकों को गुजरात भेजा है। ये विधायक वसुंधरा राजे गुट के बताए जाते हैं। कहा जा रहा है कि यह विधायक घूमने के लिए गए हैं। मगर सूत्रों का कहना है कि ये विधायक 12 अगस्त तक गुजरात में रहेंगे। माना जा रहा है कि कुछ विधायकों को मध्य प्रदेश शिफ्ट किया जा सकता है। 

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