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सियासी संकट के बीच राहुल- सचिन की मुलाकात ने किया जादू का काम, अब कांग्रेस में बने रहेंगे पायलट

संजीवनी टुडे 10-08-2020 23:29:17

दोनों के बीच ओपन बातचीत में अच्छा डिस्कशन हुआ और पायलट ने पार्टी के हित में कांग्रेस के साथ काम करने में रुचि दिखाई है।


जयपुर। राजस्थान में दो माह से चल रहे सियासी ड्रामे में सोमवार को उस समय नया मोड आ गया जब प्रदेश में काग्रेस को टूट से बचाने के कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के प्रयासों से बागी पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पूर्व कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के बाद प्रदेश की सियासी गरमाहट में नरमी के संकेत मिले हैं। मुलाकात के बाद संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बयान जारी करते हुए कहा कि सचिन पायलट ने सोमवार को राहुल गांधी से मुलाकात की और शिकायतों को तफ्सील से रखा। दोनों के बीच ओपन बातचीत में अच्छा डिस्कशन हुआ और पायलट ने पार्टी के हित में कांग्रेस के साथ काम करने में रुचि दिखाई है। 

उन्‍होंने कहा कि मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर तीन सदस्यों की कमेटी बनाई है, जो पायलट और उनके समर्थित विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जांच करेगी और उनका उचित हल निकालेगी। इधर पायलट के खास सिपहसालारों में से एक पूर्व मंत्री विश्‍वेन्‍द्र सिंह ने शाम को ट्विट कर कहा है कि अभी कुछ भी कहना जल्‍द बाजी होगी। बहुत सारी अफवाहें और बहुत सी तथ्यात्मक गलत कहानियां सामने आ रही हैं। उन्‍होंने सलाह दी है कि सभी अपने घोडे दौडाना बंद कर दें। इस बीच देर शाम अचानक बदले घटनाक्रम के तहत पायलट समर्थक वरिष्‍ठ विधायक भंवर लाल शर्मा ने मुख्‍यमंत्री आवास पर गहलोत से मुलाकात की और कहा कि सारे गिले-शिकवे दूर हो गए हैं।        

प्रदेश में दो माह पूर्व हुए राज्‍यसभा चुनावों के बाद से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट आमने सामने हैं। गहलोत और प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा के साथ मिल कर विधायकों की खरीद फरोख्‍त का आरोप लगाकर अपने समर्थिक कांग्रेस  निर्दलीय और अन्‍य दलों के सौ से अधिक विधायकों की एक माह पूर्व बाडेबंदी कर दी और सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री पद और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से बर्खास्त भी कर दिया। जानकारी मिली है कि सचिन से बातचीत के बाद कांग्रेस के आला नेता मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत से बातचीत में जुट गए हैंं। अब राहुल-सचिन मुलाकात के बाद प्रदेश में दो माह से चल रहे सियासी संकट का अंत हो जाता है तो संभवत: चौदह अगस्त को विधानसभा सत्र के दौरान होने वाले फ्लोर टेस्ट की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।    

उल्‍लेखनीय है मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा भाजपा के साथ मिल कर विधायकों की खरीद फरोख्‍त का आरोप लगाए जाने और स्‍पेशल आपरेशन ग्रुप द्वारा सचिन और उनके समर्थक विधायकों के फोन टेप करने और उन्‍हें राजद्रोह की धाराओं से संबंधित नोटिस जारी करने के बाद नाराज सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायक हरियाणा की पांच सितारा होटलों में जाकर बैठ गए और दो बार विधायक दल की बैठक में बुलाए जाने के बाद भी नहीं पहुंचे। इसके बाद पायलट को उपमुख्यमंत्री और पीडब्‍ल्‍यूडी मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया। इसके अलावा उन्‍हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से भी हटा कर गोविंद सिंह डोटासरा को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बिठा दिया गया।

गहलोत और पायलट के बीच तल्‍खी इस सीमा तक पहुंच गई कि सीएम ने पत्रकारों से बातचीत में सचिन पायलट को नकारा और निकम्‍मा तक कहते हुए उनपर निजी हमले किए। इसके बाद कांग्रेस तथा सचिन और उनके समर्थक हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में आमने-सामने हो गए।

इधर कांग्रेस पार्टी में अचानक बदले घटनाक्रम के बीच सोमवार शाम कट्टर पायलट समर्थक वरिष्‍ठ विधायक भंवर लाल शर्मा ने मुख्‍यमंत्री आवास पर गहलोत से मुलाकात की। विधायकों की खरीद फरोख्‍त के बातचीत वाले कथित आडियो टेप जारी होने के बाद एसओजी और एसीबी ने शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सीएम से मुलाकात के बाद भंवरलाल शर्मा ने कहा कि सारे गिले-शिकवे दूर हो गए हैं। सीएम से अच्छी मुलाकात हुई। क्षेत्र में विकास कार्य नहीं होने से नाराज़गी थी। सीएम ने कहा कि आपके सभी काम होंगे। कांग्रेस एक साझा परिवार है, सरदारशहर की जनता मुझे जानती है,उनकी उम्मीदें और काम पूरे होंगे। सचिन कैंप छोड कर आने की बात पर उन्‍होंने कहा कि वे कैंप को छोड़कर नहीं बल्कि अनुमति से आए हैं। उन्होंने ही पायलट से कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, वे पहले निकल जाते हैं।

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