संजीवनी टुडे

भूमि खरीद के समय उसकी वैधता की जानकारी के लिए विकसित करे वेबसाइट

संजीवनी टुडे 05-08-2020 21:14:07

भूमि खरीद के समय उसकी वैधता की जानकारी के लिए विकसित करे वेबसाइट


जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने गृह निर्माण सहकारी समितियों की जमीनों में होने वाली धोखाधडी को रोकने के लिए जेडीए को मौखिक रूप से कहा है कि वह ऐसी वेबसाइट या मैकेनिज्म तैयार करे कि व्यक्ति भूमि खरीदने से पहले संबंधित भूमि के संबंध में सारी जानकारी जुटा सके। अदालत ने कहा कि आम आदमी बडी मुश्किल से जीवन भर की कमाई लगाकर जमीन खरीदता है। वहीं उसे बाद में पता चलता है कि जमीन सोसायटी की ना होकर सरकारी है या उसके डबल पट्टे हैं। ऐसे में उसके हाथ में कागज के टुकडे के अलावा कुछ नहीं रह जाता है। इस स्थिति को रोकने के लिए जेडीए के पास प्रभावी मैकेनिज्म होना चाहिए। इसके अलावा पुलिस, जेडीए, निगम निगम, सहकारिता और पंजीयक में आपसी समन्वय भी होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने यह मौखिक टिप्पणी प्रकरण में लिए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए।

सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर अदालत में पेश हुए। अदालत ने कमिश्नर को कहा कि जमीनों की धोखाधडी के मामलों की जांच जल्दी क्यों नहीं की जा रही है। जिन मामलों में सिविल कोर्ट से स्टे नहीं है, उनमें आपराधिक कार्रवाई करने पर रोक नहीं है। ऐसे में पुलिस को मामले में जल्दी अनुसंधान पूरा करना चाहिए। वहीं न्यायमित्र अनूप ढंड़ की ओर से कहा गया की पुलिस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है। दूसरी ओर एक पक्षकार की ओर से अधिवक्ता विमल चोधरी ने कहा कि जेडीए ने 27 जुलाई 1996 को परिपत्र जारी कर गृह निर्माण सोसाटियों को भूखंड बेचान पर रोक लगा रखी है। इसके अलावा सोसायटी के अधिकतम सौ सदस्य ही हो सकते हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 22 सितंबर को तय की है।

यह खबर भी पढ़े: राम जन्मभूमि पूजा के अवसर पर बाबा केदार का किया महाभिषेक, जय श्रीराम के लगे जयकारे

यह खबर भी पढ़े: राजस्थान में सियासी उठापटक: गहलोत खेमे के विधायक बसों से जाएंगे सरहद पर तनोट माता के द्वार

ऐसी ही ताजा खबरों व अपडेट के लिए डाउनलोड करे संजीवनी टुडे एप

More From rajasthan

Trending Now
Recommended